मंगलवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए किसी बुरे सपने जैसा शुरू हुआ। ग्लोबल मार्केट से मिले खराब सिग्नल्स और मिडिल ईस्ट में अचानक भड़के जियोपॉलिटिकल टेंशन ने घरेलू निवेशकों के होश उड़ा दिए। सुबह-सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी क्रैश हो गया, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही मार्केट ने थोड़ा दम दिखाया और निचले स्तरों से कुछ रिकवरी भी देखने को मिली।
बाजार के बिगड़ने का ‘ग्लोबल’ गणित
मार्केट के इस खराब मूड के पीछे मुख्य तौर पर तीन बड़े फैक्टर्स काम कर रहे हैं:
USA-Iran टेंशन और क्रूड ऑयल में उबाल: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से संसद में दिए गए बयान (कि अमेरिका और ईरान फिर से युद्ध जैसी स्थिति में हैं) ने ग्लोबल मार्केट को डरा दिया है। ऊपर से हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के हवाई अड्डे पर किए गए हमले ने आग में घी का काम किया। नतीजा? ब्रेंट क्रूड ऑयल 2% से ज्यादा उछलकर 85 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है।
महंगाई और ट्रेड डेफिसिट का तड़का: घरेलू मोर्चे पर भी आंकड़े डराने वाले हैं। जून में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.38% हो गई, जो मई में 3.93% थी। साथ ही देश का व्यापार घाटा भी 5 महीने के हाई 30.43 अरब डॉलर पर पहुंच गया है।
FIIs की लगातार बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार भारतीय बाजार से अपना पैसा निकाल रहे हैं। अकेले 13 जुलाई को उन्होंने 3,062.27 करोड़ रुपए के शेयर बेच डाले, जिससे बाजार का सेंटिमेंट और कमजोर हुआ।
दोपहर तक का स्कोरकार्ड
सुबह बाजार की ओपनिंग बेहद निराशाजनक रही थी, लेकिन दोपहर के आसपास बाजार ने खुद को थोड़ा संभाला:
सेंसेक्स: सुबह जहां यह 478 अंक तक टूट गया था, वहीं दोपहर तक करीब 330 अंकों की गिरावट के साथ 77,285 के आसपास ट्रेड करता दिखा।
निफ्टी: सुबह 143 अंक की डुबकी लगाने के बाद, दोपहर में 85 अंकों के नुकसान के साथ 24,126 के लेवल पर टिका रहा।
रुपया रिकॉर्ड लो पर: कच्चे तेल की महंगाई और डॉलर की मजबूती के कारण भारतीय रुपया 48 पैसे कमजोर होकर 96.16 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसल गया।
बाजार का डर: मार्केट में घबराहट को दर्शाने वाला इंडिया विक्स इंडेक्स करीब 3% चढ़कर 14 के स्तर पर आ गया, जो इशारा करता है कि आज बाजार में अभी और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
कहाँ लगी लंका, कहाँ चमकी किस्मत?
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का सबसे सीधा असर ऑटो, रियल्टी और फाइनेंशियल सर्विसेज पर पड़ा है, जो आज लाल निशान में सबसे आगे रहे। बाजार की इस गिरावट के बीच मेटल और फार्मा सेक्टर्स ‘सेफ हेवन’ बनकर उभरे। निफ्टी मेटल इंडेक्स के शेयर (जैसे Welspun Corp, APL Apollo और Hindustan Zinc) करीब 3% तक चढ़ गए। वहीं फार्मा स्पेस में Biocon, Divi’s Labs और Cipla ने बाजार को सहारा दिया।
इन शेयर्स और IPO पर है सबकी नजर
SBI Funds Management IPO: देश के सबसे बड़े एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) का आईपीओ आज से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। इसे ब्लैकरॉक और गोल्डमैन सैक्स जैसे दुनिया के दिग्गज इन्वेस्टर्स का भारी सपोर्ट मिला है, जिससे निवेशकों में इसे लेकर काफी क्रेज है।
Nuvoco Vistas: शानदार पहली तिमाही (Q1) के नतीजों के दम पर इसके शेयरों ने आज 13% की जबरदस्त छलांग लगाई।
Just Dial: बेहतरीन Q1 नतीजों के बाद जस्ट डायल के शेयर आज फिर 13% तक रॉकेट हो गए।
HCL Tech: आईटी दिग्गज ने पहली तिमाही में शानदार परफॉर्मेंस देते हुए ₹4,624 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया है और साथ ही अपने निवेशकों के लिए 12 रुपए प्रति शेयर के डिविडेंड का भी एलान किया है।
टेक एक्सपर्ट्स का कहना है की बाजार में इस समय जियोपॉलिटिकल तनाव की वजह से अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे माहौल में जल्दबाजी में बड़ा दांव लगाने से बचें और फार्मा या मेटल जैसे मजबूत सेक्टर्स में क्वालिटी स्टॉक्स पर ही नजर रखें।