अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब और भी घातक मोड़ ले चुका है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस युद्ध में जान गंवाने वाले अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। वहीं, घायल सैनिकों का आंकड़ा 414 के पार पहुंच चुका है।
हाल ही में अरब सागर में हुए एक हेलीकॉप्टर हादसे में घायल अमेरिकी नौसेना (US Navy) के पायलट ने दम तोड़ दिया, जिसके बाद मार्च में युद्ध शुरू होने के बाद मौत का यह पहला नया मामला सामने आया है।
1. अरब सागर में क्रैश या ‘इमरजेंसी लैंडिंग’? पेंटागन की सफाई
जुलाई की शुरुआत में अरब सागर में अमेरिकी नौसेना का एक हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया था।
- शुरुआती रिपोर्ट: अमेरिकी नौसेना ने इसे महज एक ‘इमरजेंसी लैंडिंग’ बताया था और दावा किया था कि यह किसी दुश्मन के हमले का नतीजा नहीं था। हादसे में तीन अन्य नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था।
- पेंटागन का नया रुख: अब पेंटागन ने अपनी ताजा रिपोर्ट में पायलट की मौत को “गैर-युद्ध कारण” (Non-Combat Death) से हुई मौत के रूप में दर्ज किया है।
2. सैनिकों के लिए ‘साइलेंट किलर’ बनी ट्रॉमैटिक ब्रेन इंजरी (TBI)
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, इस युद्ध में घायल हुए 414 सैनिकों में से अधिकांश ट्रॉमैटिक ब्रेन इंजरी (TBI) यानी सिर और दिमाग की गंभीर चोटों से जूझ रहे हैं।
क्या होती है TBI? मिसाइल हमलों और बड़े धमाकों के दौरान निकलने वाली तीव्र तरंगों (Shockwaves) के संपर्क में आने से सैनिकों के दिमाग पर गहरा असर पड़ता है। यह चोट बाहर से दिखाई नहीं देती, लेकिन अंदरूनी तौर पर बेहद घातक होती है।
3. कब और कहाँ हुईं अमेरिकी सैनिकों की मौतें?
अब तक मारे गए 14 अमेरिकी सैनिकों का विवरण इस प्रकार है:
| घटना का स्थान | मौतों की संख्या | कारण |
| कुवैत (कमांड सेंटर) | 6 | ईरानी ड्रोन हमला |
| इराक | 6 | KC-135 ईंधन विमान का क्रैश होना |
| सऊदी अरब (प्रिंस सुल्तान एयर बेस) | 1 | हमले में घायल होने के एक हफ्ते बाद मौत |
| अरब सागर | 1 | हेलीकॉप्टर क्रैश (ताजा मौत) |
4. घायल सैनिकों की स्थिति पर रहस्य बरकरार
सैनिकों की मौतों के अलावा, घायल सैनिकों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। 13 जुलाई को अमेरिकी एयरफोर्स के एक और जवान को घायल सूची में शामिल किया गया, लेकिन उसकी चोट का कारण और समय गुप्त रखा गया है।
हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि अधिकांश घायल सैनिक प्राथमिक उपचार के बाद वापस ड्यूटी पर लौट आए हैं। लेकिन, गंभीर रूप से घायल कितने सैनिकों को युद्ध क्षेत्र से बाहर (Evacuate) भेजा गया है, इस पर सेना ने चुप्पी साध रखी है।