नई दिल्ली: रोजाना ब्रश करने के बावजूद अगर मसूड़ों से खून आता है और दांतों का पीलापन कम नहीं हो रहा, तो इसे सिर्फ सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह मसूड़ों में संक्रमण, जिंजिवाइटिस या दांतों की बाहरी परत कमजोर होने का संकेत भी हो सकता है। ऐसे में महंगे केमिकल उत्पादों की बजाय कुछ प्राकृतिक उपाय दांतों और मसूड़ों की देखभाल में मददगार साबित हो सकते हैं।
भारतीय योग गुरु, लेखिका और शोधकर्ता डॉ. हंसा योगेंद्र के अनुसार, रसोई में मौजूद कुछ सामान्य चीजों की मदद से दांतों की प्राकृतिक सफाई की जा सकती है। साथ ही मसूड़ों को मजबूत बनाने और ओरल हेल्थ बेहतर रखने में भी मदद मिल सकती है।
सेंधा नमक, हल्दी और सरसों के तेल का पेस्ट करें इस्तेमाल
डॉ. हंसा योगेंद्र के मुताबिक, एक चम्मच सेंधा नमक, एक चम्मच हल्दी पाउडर और कुछ बूंदें सरसों का तेल मिलाकर पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को उंगलियों की मदद से दांतों और मसूड़ों पर 2 से 3 मिनट तक हल्के हाथों से मसाज करें। इससे दांतों का पीलापन कम करने और मसूड़ों से जुड़ी परेशानियों में राहत मिल सकती है।
कैसे काम करता है यह मिश्रण?
हल्दी में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण मसूड़ों को संक्रमण और सूजन से बचाने में मदद करते हैं। सेंधा नमक मसूड़ों में रक्त संचार बेहतर करने में सहायक माना जाता है, जबकि सरसों का तेल दांतों पर जमी प्लाक की परत को धीरे-धीरे हटाने में मदद कर सकता है। इन तीनों का मिश्रण दांतों की प्राकृतिक सफाई में सहायक माना जाता है।
संतरे के छिलके और नारियल तेल का पेस्ट भी हो सकता है फायदेमंद
एक चम्मच सूखे संतरे के छिलके का पाउडर लेकर उसमें थोड़ा नारियल तेल मिलाकर पेस्ट तैयार करें। इसे दांतों पर करीब दो मिनट तक लगाकर हल्के हाथों से मसाज करें और फिर पानी से कुल्ला कर लें। नियमित उपयोग से दांतों की सफाई और मसूड़ों की सेहत बेहतर रखने में मदद मिल सकती है।
यह पेस्ट क्यों माना जाता है असरदार?
संतरे के छिलके में पाया जाने वाला डी-लिमोनीन दांतों पर जमा दाग कम करने में मददगार माना जाता है। वहीं नारियल तेल बैक्टीरिया और प्लाक को कम करने में सहायक हो सकता है। नियमित इस्तेमाल से दांतों की प्राकृतिक चमक बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है।
मसूड़ों को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये आदतें
सुबह खाली पेट नारियल या तिल के तेल से 10 से 15 मिनट तक ऑयल पुलिंग करना मुंह की सफाई और प्लाक कम करने में मदद कर सकता है। सप्ताह में 2 से 3 बार नीम या बबूल का दातुन करना भी लाभदायक माना जाता है। रोजाना टंग क्लीनर से जीभ साफ करें और 2 से 3 लौंग उबालकर तैयार किए गए पानी से दिन में एक-दो बार कुल्ला करें। इससे मुंह की स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
हर भोजन के बाद सादे पानी से कुल्ला करें। गाजर, खीरा और सेब जैसे कुरकुरे फल और सब्जियां दांतों की सफाई में मदद कर सकते हैं। ज्यादा चीनी और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन कम करें। यदि मसूड़ों से लगातार खून आने की समस्या बनी रहे, तो बिना देरी किए दंत चिकित्सक से जांच कराएं।