पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगड़ की बेटी अनाया बांगड़ ने “जेंडर ट्रांजिशन” के बाद सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक और इंस्पायरिंग पोस्ट शेयर की है। अनाया ने इस बदलाव के सफर में झेले गए मेंटल और फिजिकल स्ट्रगल को सामने रखते हुए बताया कि अपनी असली पहचान को पाना कितना चैलेंजिंग और सुकून देने वाला रहा।
‘जेंडर यूफोरिया’ और सालों का संघर्ष
इंस्टाग्राम पर अपनी जर्नी शेयर करते हुए अनाया ने लिखा कि खुद की असली पहचान तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं था। उन्होंने ‘जेंडर यूफोरिया’ (अपनी रियल आइडेंटिटी में मिलने वाली खुशी) का जिक्र करते हुए लिखा:
“यह एहसास हर संघर्ष के लायक था। कई दिन ऐसे भी आए जब मुझे लगा कि शायद मैं कभी अपने ही शरीर में सहज महसूस नहीं कर पाऊंगी। इस मुकाम तक पहुंचने में सालों का धैर्य, मुश्किल बातचीत, कई असफलताएं और बार-बार डर के आगे खुद को चुनने का फैसला शामिल रहा।”

अनाया ने उन लोगों को भी उम्मीद की किरण दिखाई जो अपनी पहचान को लेकर असमंजस में हैं। उन्होंने मैसेज दिया कि लोग खुद पर भरोसा रखें, हिम्मत न हारें और खुद को वही बनने की इजाजत दें जो वे वास्तव में हैं।
क्रिकेट की पिच पर भी दिखा चुकी हैं दम
जेंडर ट्रांजिशन के इस प्रोसेस से गुजरने से पहले अनाया का नाम आर्यन बांगड़ था और वे क्रिकेट के मैदान पर भी अपनी प्रतिभा साबित कर चुकी हैं। उन्होंने मुंबई के लोकल क्लब क्रिकेट में इस्लाम जिमखाना से अपने सफर की शुरुआत की थी। इसके बाद महज 18 साल की उम्र में उन्होंने इंग्लैंड की लीसेस्टरशायर लीग में हिंकले क्रिकेट क्लब का प्रतिनिधित्व किया।
साल 2019 में उन्होंने पुडुचेरी की ओर से नेशनल अंडर-19 कूच बिहार ट्रॉफी में भी हिस्सा लिया था। उस टूर्नामेंट में शानदार ऑलराउंड परफॉर्म करते हुए उन्होंने 5 मैचों में 300 रन बनाए थे (जिसमें 150 रन का बेस्ट स्कोर शामिल था) और साथ ही अपनी गेंदबाजी से 20 विकेट भी चटकाए थे। जेंडर अफर्मेशन सर्जरी के बाद भी अनाया ने हाल ही में नेट्स पर दोबारा प्रैक्टिस शुरू की है।