वाशिंगटन/तेहरान। मिडिल ईस्ट (Middle East) में अमेरिका और ईरान के बीच थमती दिख रही जंग अचानक एक बार फिर बेहद हिंसक हो चुकी है। ईरान के कई प्रमुख शहरों में जोरदार धमाके हुए हैं, जिसमें तेहरान के मुताबिक उसके 8 जवानों की जान चली गई है। लेकिन इस बारूदी खेल के पीछे जो इनसाइड स्टोरी सामने आ रही है, वह बेहद चौंकाने वाली है। कूटनीतिक गलियारों में अब यह कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या अमेरिका, इजरायल के एक सोचे-समझे ‘ट्रैप’ (जाल) में फंस गया है?
सीजफायर को किसने लगाया पलीता?
दोनों देशों के बीच युद्धविराम (Ceasefire) की स्थिति बन रही थी, लेकिन एक खुफिया इनपुट ने पूरी बाजी पलट दी। अमेरिकी मीडिया आउटलेट CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल ने वाशिंगटन के साथ एक बेहद संवेदनशील इंटेलिजेंस शेयर की। इस खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की एक बड़ी साजिश रची है।
बड़ा सवाल: क्या यह खुफिया जानकारी वाकई पुख्ता थी, या फिर यह इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की एक सोची-समझी रणनीति थी, जिसका मकसद ट्रंप को उकसाकर ईरान पर दोबारा हमला करवाना था?
अमेरिकी अधिकारियों के मन में खटका ‘डर’
भले ही अमेरिका ने इस इनपुट के मिलते ही ईरान पर अपने हमलों को चौगुना तेज कर दिया हो, लेकिन वाशिंगटन के भीतर ही अब इसे लेकर मतभेद उभरने लगे हैं।
- चिंता का विषय: कुछ शीर्ष अमेरिकी अधिकारी इस बात को लेकर बेहद चिंतित हैं कि इजरायल का यह इनपुट सिर्फ और सिर्फ राष्ट्रपति ट्रंप को भड़काने के लिए था।
- इजरायल की ‘जीत’: अगर यह इजरायल की चाल थी, तो वह अपनी योजना में पूरी तरह कामयाब रहा. अमेरिका और ईरान, जो शांति की तरफ बढ़ रहे थे, अब फिर से आमने-सामने हैं।
ट्रंप ने खुद माना- “मैं उनकी हिट लिस्ट में हूँ”
इस बीच, खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उनकी जान को ईरान से गंभीर खतरा है।नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान अंकारा में बोलते हुए ट्रंप ने कहा-“वे (ईरान) मुझे पूरी तरह खत्म करना चाहते हैं।. मैं उनकी हर एक हिट लिस्ट में शामिल हूँ। मैंने आज ही देखा कि मैं उनकी हर सूची में टॉप पर हूँ।अब तक मैं भाग्यशाली रहा हूँ, लेकिन शायद यह किस्मत बहुत लंबे समय तक मेरा साथ न दे।”
इस नए घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि मिडिल ईस्ट की इस जंग में रिमोट कंट्रोल किसी और के हाथ में है। इजरायल के एक इनपुट ने अमेरिका को दोबारा युद्ध के मैदान में झोंक दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या अमेरिका को अपनी इस जल्दबाजी का एहसास होता है, या फिर यह जंग पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लेगी।