वॉशिंगटन/तेहरान। पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदें पूरी तरह टूट चुकी हैं। अमेरिका और ईरान के बीच हुआ सीजफायर (युद्धविराम) आधिकारिक तौर पर खत्म हो गया है, जिसके बाद दोनों देशों ने लगातार दूसरे दिन एक-दूसरे पर बेहद घातक हमले किए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी के ठीक बाद यह कार्रवाई हुई, जिसमें उन्होंने 8-9 जुलाई की दरम्यानी रात ईरान पर दोबारा हमले की बात कही थी। ट्रंप ने दो टूक कहा कि उनकी नजर में अब सीजफायर का कोई वजूद नहीं रह गया है।
1. अमेरिकी सेना की कार्रवाई: रेलवे ब्रिज और मिसाइल ठिकाने तबाह
अमेरिकी सेना ने साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग ‘स्ट्रैट ऑफ होर्मुज’ (Hormuz Strait) को खुला रखने और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी। अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के इन रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया-
- सैन्य रसद मार्ग पर हमला: उत्तरी ईरान में एक बड़े और मुख्य रेलवे ब्रिज को बमबारी कर उड़ा दिया गया, जिसका इस्तेमाल ईरानी सेना रसद (सप्लाई) पहुंचाने के लिए करती थी।
- मूसा द्वीप पर बमबारी: सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मूसा द्वीप (Musa Island) पर अमेरिकी विमानों ने भारी बमबारी की।
- एंटी-शिप मिसाइल ठिकाने ध्वस्त: ईरान के उन ठिकानों को नष्ट कर दिया गया, जहां से जहाजों पर हमला करने वाली मिसाइलें तैनात की गई थीं।
ट्रंप का ’20 बनाम 1′ का फॉर्मूला: तुर्की में नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन से लौटते समय राष्ट्रपति ट्रंप ने एयर फोर्स वन विमान में पत्रकारों से कहा, “हमने ईरान पर बेहद जोरदार हमला किया है। मेरा सीधा हिसाब है- हम ’20 के मुकाबले 1′ की नीति पर चलेंगे। यानी हर एक ईरानी हमले के जवाब में अमेरिका 20 हमले करेगा।” ट्रंप ने सोशल मीडिया पर तबाही की तस्वीरें शेयर करते हुए इसे ईरान की गुस्ताखी का बदला बताया।
2. ईरान का पलटवार: बहरीन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर दागीं मिसाइलें
अमेरिकी हमले के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने भी भीषण जवाबी कार्रवाई की। ईरान ने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाकर कई मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन दागे।
- कुवैत में मची खलबली: कुवैती सेना ने ‘X’ पर जानकारी दी कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम लगातार एक्टिव हैं और आसमान में ही “दुश्मन की मिसाइलों और ड्रोनों” को इंटरसेप्ट (नष्ट) कर रहे हैं। कुवैत शहर में धमाकों की भारी आवाजें सुनी गईं।
- बहरीन में गूंजे सायरन: बहरीन के गृह मंत्रालय ने देश में हवाई हमले के सायरन बजने की पुष्टि की है। बहरीन सरकार ने अपने नागरिकों और विदेशी निवासियों से तुरंत नजदीकी बंकरों या सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है।
3. पूरी दुनिया पर मंडराया संकट
विशेषज्ञों के अनुसार, सीजफायर टूटने और लगातार दूसरे दिन हुए इन हमलों ने साबित कर दिया है कि मिडिल ईस्ट अब एक पूर्णकालिक क्षेत्रीय युद्ध (Full-Scale Regional War) की चपेट में आ चुका है। होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल आपूर्ति ठप होने का खतरा पैदा हो गया है, जिससे आने वाले दिनों में दुनिया भर के बाजारों में भारी मंदी और महंगाई आ सकती है।