नई दिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के दफ्तर (ओफिस) में एक बड़ा और अप्रत्याशित प्रशासनिक भूचाल आया है।
पर्यावरण मंत्रालय ने एक बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्रीय मंत्री के निजी सचिव (PS) अमर सिंह समेत तीन प्रमुख अधिकारियों को उनके पदों से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। लुटियंस दिल्ली के प्रशासनिक गलियारों में इस अचानक हुई कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, यह कदम सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के निर्देशों के बाद उठाया गया है।
1. ‘मूल कैडर’ में वापसी: इन तीन अधिकारियों पर गिरी गाज
पर्यावरण मंत्रालय के उप सचिव विभूति पंजियार के हस्ताक्षर से जारी इस हाई-प्रोफाइल आदेश के तहत तीन अधिकारियों की छुट्टी की गई है:
- अमर सिंह (IRS, 2010 बैच): केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के निजी सचिव (PS) अमर सिंह को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर उनके मूल कैडर यानी राजस्व विभाग (Revenue Department) में वापस रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है।
- शैलेश कुमार सिंह (अतिरिक्त निजी सचिव): इन्हें उनका कार्यकाल समय से पहले समाप्त करते हुए वापस मूल कैडर भेज दिया गया है। आदेश के तहत उन्हें तुरंत DoPT में रिपोर्ट करने को कहा गया है।
- आयुष शरण (अतिरिक्त निजी सचिव): सक्षम प्राधिकारी की हरी झंडी के बाद आयुष शरण को भी तत्काल प्रभाव से उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है।
2. PMO और कैबिनेट सचिवालय तक पहुंची रिपोर्ट, कार्रवाई के मायने गंभीर
इस प्रशासनिक फेरबदल की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस आधिकारिक आदेश की कॉपियां देश के सबसे पावरफुल दफ्तरों को भेजी गई हैं:
इन विभागों को भेजी गई कॉपी: प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), कैबिनेट सचिवालय, और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को इस कार्रवाई की सीधी रिपोर्ट भेजी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब किसी केंद्रीय मंत्री के निजी स्टाफ पर इस तरह की त्वरित और चौतरफा गाज गिरती है, और उसकी लूपिंग सीधे PMO तक होती है, तो उसके पीछे प्रशासनिक अनुशासन या कार्यशैली को लेकर कोई बड़ा और कड़ा संदेश छिपा होता है।
3. वजहों पर सस्पेंस बरकरार, नए चेहरों का इंतजार
केंद्रीय मंत्री के दफ्तर में रातों-रात हुए इस बड़े फेरबदल के वास्तविक कारणों को लेकर अभी तक मंत्रालय या सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। फिलहाल सस्पेंस इस बात पर भी बना हुआ है कि केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के नए निजी सचिव (PS) के तौर पर अब किस अधिकारी को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।