नई दिल्ली: अमेरिका, यूरोप, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया की यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। एयर इंडिया ने इन अंतरराष्ट्रीय रूटों पर लागू अस्थायी फ्यूल सरचार्ज में कटौती कर दी है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो चुकी हैं। हालांकि, घरेलू उड़ानों और अन्य अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
1 जुलाई से लागू हुई नई दरें
एयर इंडिया ने उत्तर अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जाने वाली उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज 280 डॉलर से घटाकर 200 डॉलर प्रति टिकट कर दिया है। वहीं यूरोप और यूनाइटेड किंगडम के लिए यह शुल्क 205 डॉलर से घटाकर 125 डॉलर प्रति टिकट कर दिया गया है। इससे इन रूटों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
आखिर क्यों लिया गया यह फैसला?
पश्चिम एशिया में तनाव और हवाई क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों के कारण अप्रैल में कच्चे तेल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई थी। बढ़ती परिचालन लागत को देखते हुए एयर इंडिया ने 7 अप्रैल को अस्थायी फ्यूल सरचार्ज लगाने का फैसला किया था, जिसे 10 अप्रैल से लागू किया गया था।
अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने के बाद एयरलाइन ने फ्यूल सरचार्ज कम करने का निर्णय लिया है।
क्या घरेलू उड़ानों के यात्रियों को भी मिलेगी राहत?
फिलहाल यह राहत केवल अमेरिका, यूरोप, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जाने वाली उड़ानों तक सीमित है। घरेलू उड़ानों और अन्य अंतरराष्ट्रीय रूटों पर पहले से लागू फ्यूल सरचार्ज में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
क्या टिकट की कीमतें कम हो जाएंगी?
फ्यूल सरचार्ज घटने से इन अंतरराष्ट्रीय रूटों पर टिकट की कुल लागत में कुछ कमी आ सकती है। हालांकि अंतिम किराया केवल फ्यूल सरचार्ज से तय नहीं होता। बेस किराया, टैक्स, सीटों की उपलब्धता और मांग जैसे अन्य कारक भी टिकट की कीमत को प्रभावित करते हैं। ऐसे में यात्रियों को मिलने वाली वास्तविक राहत बुकिंग के समय तय होने वाले कुल किराये पर निर्भर करेगी।