लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आज (1 जुलाई) अपना जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बसपा सुप्रीमो मायावती सहित देश-प्रदेश के तमाम दिग्गज नेताओं ने बधाइयां दीं।
लेकिन इन सबमें सबसे ज्यादा ध्यान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बधाई संदेश ने खींचा है। 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले, राहुल गांधी ने अखिलेश को विश करते हुए एक ऐसा सियासी दांव चल दिया है, जिसने गठबंधन के भीतर चल रही रार के बीच नए संकेत दे दिए हैं।

राहुल गांधी का ‘X’ पोस्ट: जन्मदिन की बधाई में ‘PDA’ का तड़का
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के तहत उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ने का एलान कर चुकी हैं। लेकिन पिछले कुछ दिनों से दोनों दलों के बीच सीट-शेयरिंग को लेकर खींचतान जारी है। इसी माहौल के बीच राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा:
“अखिलेश जी को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई। PDA की हिस्सेदारी से सामाजिक न्याय का संकल्प हम मिल कर पूरा करेंगे। अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन के लिए शुभकामनाएं।”
क्यों खास है राहुल का यह संदेश?
‘PDA’ (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) का नारा मूल रूप से अखिलेश यादव का है, जिसने 2024 के लोकसभा चुनाव में यूपी के भीतर बीजेपी को भारी नुकसान पहुंचाया और सपा को 37 सीटों के साथ राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बना दिया। राहुल गांधी द्वारा अखिलेश के इस कोर एजेंडे को अपनाना यह दिखाता है कि कांग्रेस यूपी की सियासत में सपा के इस नैरेटिव के साथ खुद को मजबूती से जोड़ना चाहती है।
कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी: 50-50 फॉर्मूला और 403 सीटों का दावा
राहुल गांधी का यह ट्वीट ऐसे समय में आया है जब यूपी कांग्रेस के नेता लगातार आक्रामक बयानबाजी कर रहे हैं।
- इमरान मसूद का दावा: पिछले दिनों कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बयान देकर सियासी हलचल बढ़ा दी थी कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।
- राजेंद्र पाल गौतम का 50-50 फॉर्मूला: यूपी में कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने भी सीटों के बंटवारे पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा था कि दोनों दलों के बीच 50-50 के फॉर्मूले पर ही बात होनी चाहिए। हिस्सेदारी बराबर होगी, तभी सम्मान भी बराबर रहेगा।
सपा की ‘रणनीतिक चुप्पी’: शीर्ष नेतृत्व तय करेगा फॉर्मूला
कांग्रेस नेताओं के इन बड़े दावों के बावजूद समाजवादी पार्टी और खुद अखिलेश यादव ने इस पर कोई तीखी प्रतिक्रिया नहीं दी है। सपा इस मुद्दे पर बेहद सधे हुए कदम उठा रही है।
सपा नेता और पूर्व एमएलसी उदयवीर सिंह ने स्पष्ट किया कि अखिलेश यादव पहले ही साफ कर चुके हैं कि 2027 का चुनाव 2024 की तरह ही कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ा जाएगा। सीट-शेयरिंग जैसे संवेदनशील मुद्दों पर किसी भी तरह की बयानबाजी से बचते हुए उन्होंने कहा कि इस पर दोनों पार्टियों का शीर्ष नेतृत्व ही सीधे बैठकर अंतिम फैसला करेगा।
देश के सबसे युवा मुख्यमंत्री से कन्नौज सांसद तक का सफर
- जन्म: 1 जुलाई, 1973 को जन्मे अखिलेश यादव सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के पुत्र हैं।
- रिकॉर्ड: साल 2012 में महज 38 साल की उम्र में वे उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने और 2017 तक अपना कार्यकाल पूरा किया।
- वर्तमान भूमिका: वर्तमान में वे कन्नौज लोकसभा सीट से सांसद हैं और देश की राजनीति में विपक्ष का एक बड़ा चेहरा बनकर उभरे हैं।
राहुल गांधी के इस ‘बर्थडे डिप्लोमेसी’ संदेश ने साफ कर दिया है कि भले ही नीचे के नेता सीटों को लेकर लड़ रहे हों, लेकिन शीर्ष स्तर पर दोनों दल एक-दूसरे के राजनीतिक नारों को अपनाने के लिए तैयार हैं।