सोशल मीडिया पर इन दिनों “करेंसी नोट्स” को लेकर एक सनसनीखेज दावा तेजी से वायरल हो रहा है। व्हाट्सएप और फेसबुक पर शेयर किए जा रहे एक कथित नोटिस में दावा किया जा रहा है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया “RBI” 1 जुलाई 2026 से 10, 20, 50 और 100 रुपए के सभी पुराने नोटों को पूरी तरह बंद करने जा रहा है।
अगर आपके पास भी ऐसा कोई मैसेज आया है, तो घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। भारत सरकार की एजेंसी PIB Fact Check ने इस दावे की पड़ताल की है, जिसमें यह खबर पूरी तरह से फर्जी पाई गई है।
क्या है वायरल मैसेज में?
वायरल हो रहे लैटर में ‘बैंक ऑफ महाराष्ट्र’ का हवाला देते हुए लिखा गया है कि RBI के निर्देशानुसार, साल 2005 से पहले के छपे हुए 10, 20, 50 और 100 रुपए के पुराने नोट 1 जुलाई 2026 से चलन से बाहर हो जाएंगे और बैंकों द्वारा इन्हें स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस मैसेज के कारण आम जनता के बीच असमंजस और डर का माहौल बनने लगा था।
PIB Fact Check और बैंक ने साफ की स्थिति
जब इस वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए पड़ताल की गई, तो सच कुछ और ही निकला, PIB Fact Check ने आधिकारिक तौर पर बयान जारी कर कहा है कि सोशल मीडिया पर चल रहा यह दावा पूरी तरह से झूठा और भ्रामक है। सरकार या RBI द्वारा ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र की ओर से भी यह साफ कर दिया गया है कि उनकी तरफ से ऐसा कोई भी नोटिस या सर्कुलर जारी नहीं किया गया है। शरारती तत्वों द्वारा बैंक के नाम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
RBI के नियमों के अनुसार, 2005 से पहले के 10, 20, 50 और 100 के सभी नोट आज भी ‘लीगल टेंडर’ हैं, यानी वे पूरी तरह से वैध हैं और बाजार में इनका लेनदेन सामान्य रूप से किया जा सकता है।
एक्सपर्ट्स की राय
एक्सपर्ट्स का कहना है की डिजिटल दौर में इस तरह की अफवाहें बहुत जल्दी फैलती हैं। किसी भी ऐसी खबर पर भरोसा करने से पहले हमेशा RBI की आधिकारिक वेबसाइट या PIB Fact Check के सोशल मीडिया हैंडल पर जाकर सच्चाई जरूर जांच लें। इस भ्रामक मैसेज को आगे शेयर न करें।