Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: कनाडा का क्रेज क्यों पड़ा फीका? भारतीय छात्रों ने मोड़ा रुख, वीजा से लेकर खर्च तक बने बड़े कारण
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > कनाडा का क्रेज क्यों पड़ा फीका? भारतीय छात्रों ने मोड़ा रुख, वीजा से लेकर खर्च तक बने बड़े कारण
Trending Newsवर्ल्ड

कनाडा का क्रेज क्यों पड़ा फीका? भारतीय छात्रों ने मोड़ा रुख, वीजा से लेकर खर्च तक बने बड़े कारण

vineet verma
Last updated: June 28, 2026 6:05 am
vineet verma
Share
SHARE

ओटावा: एक दौर था जब विदेश में पढ़ाई का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों की पहली पसंद कनाडा हुआ करता था। लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदल रही है। कनाडा में पढ़ने पहुंचने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों के बीच भारतीयों की हिस्सेदारी लगातार घट रही है और इसके पीछे सख्त वीजा नियम, इमिग्रेशन नियंत्रण और बढ़ती जीवनयापन लागत जैसे कई बड़े कारण सामने आए हैं।

Contents
कनाडा अब पहले जैसा पसंदीदा विकल्प क्यों नहीं रहा?भारतीय छात्रों का सफर कैसे बदला? आंकड़ों में समझिएमिडिल क्लास परिवारों के लिए क्यों था कनाडा आकर्षक?सख्त वीजा नियमों ने बदली पूरी तस्वीररिजेक्शन बढ़ा, खर्च बढ़ा और नौकरी के मौके घटेभारत-कनाडा तनाव का भी पड़ा असरकनाडा का दावा- दरवाजे अब भी खुले हैं

2025 तक कनाडा में पढ़ने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों की कुल संख्या में भारतीय छात्रों की हिस्सेदारी घटकर केवल 8 प्रतिशत के आसपास रह गई। माना जा रहा है कि बदलती नीतियों और बढ़ते आर्थिक दबाव ने छात्रों और उनके परिवारों की प्राथमिकताओं को प्रभावित किया है।

कनाडा अब पहले जैसा पसंदीदा विकल्प क्यों नहीं रहा?

कुछ साल पहले तक भारतीय छात्रों के लिए कनाडा पढ़ाई और भविष्य दोनों के लिहाज से सबसे आकर्षक देशों में गिना जाता था। लेकिन अब स्थिति बदलती दिखाई दे रही है। यह बदलाव सिर्फ भारतीय छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि कुल अंतरराष्ट्रीय छात्र संख्या में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, कनाडा में आने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों की दर में भारी कमी आई है। जो आंकड़ा 2023 में 51.6 प्रतिशत था, वह सितंबर 2025 तक घटकर करीब 8.1 प्रतिशत तक पहुंच गया।

हाल के दिनों में प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि इमिग्रेशन पर फिर से नियंत्रण स्थापित किया गया है। उन्होंने दावा किया कि शरण मांगने वालों की संख्या में कमी आई है, अस्थायी विदेशी श्रमिकों की एंट्री घटी है और अंतरराष्ट्रीय छात्रों की आमद भी काफी कम हुई है। सरकार का लक्ष्य अब टिकाऊ इमिग्रेशन मॉडल तैयार करना है।

भारतीय छात्रों का सफर कैसे बदला? आंकड़ों में समझिए

एक समय ऐसा था जब कनाडा को भारतीय छात्र स्थायी भविष्य और बेहतर अवसरों का रास्ता मानते थे। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2015 में कनाडाई स्टडी परमिट के लिए कुल 1 लाख 84 हजार 300 आवेदन आए थे, जिनमें 38 हजार 400 भारतीय छात्र शामिल थे।

इसके बाद 2016 में यह संख्या बढ़कर 2 लाख 35 हजार 600 कुल आवेदन और 66 हजार 600 भारतीय छात्रों तक पहुंच गई।

साल 2021 में अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या बढ़कर 5 लाख 56 हजार 900 हो गई, जिनमें 2 लाख 34 हजार 100 भारतीय थे। 2023 में कनाडा में भारतीय छात्रों की संख्या 2 लाख 33 हजार 532 तक पहुंची, लेकिन 2024 में यह गिरकर 1 लाख 37 हजार 608 रह गई।

पिछले सितंबर में कनाडा पहुंचने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों में भारतीयों की हिस्सेदारी केवल 8.1 प्रतिशत यानी करीब 4080 रह गई, जबकि 2023 में यह 51.6 प्रतिशत थी।

मिडिल क्लास परिवारों के लिए क्यों था कनाडा आकर्षक?

विशेषज्ञों के अनुसार, कनाडा लंबे समय तक भारतीय मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए सबसे भरोसेमंद विकल्प माना जाता रहा। वहां के निजी कॉलेजों ने औसत छात्रों को भी विदेश में पढ़ाई और बाद में बसने का रास्ता दिया।

सामान्य तौर पर छात्र 2 से 3 साल के व्यावसायिक पाठ्यक्रम में दाखिला लेते थे, पढ़ाई पूरी होने के बाद नौकरी करते थे और कुछ वर्षों में स्थायी निवास के लिए आवेदन कर देते थे। पूरी प्रक्रिया को लगभग पांच साल का रास्ता माना जाता था।

सख्त वीजा नियमों ने बदली पूरी तस्वीर

भारतीय छात्रों की घटती संख्या के पीछे सबसे बड़ा कारण कनाडा की सख्त होती इमिग्रेशन और वीजा नीति को माना जा रहा है।

2024 में कनाडा सरकार ने अंडरग्रेजुएट और डिप्लोमा कार्यक्रमों में दाखिला लेने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या पर दो साल की सीमा लागू की। इसके तहत हर साल लगभग 3 लाख 50 हजार स्टडी परमिट की सीमा तय की गई।

उस समय इमिग्रेशन मंत्री मार्क मिलर ने कहा था कि यह कदम छात्रों, हाउसिंग व्यवस्था और सार्वजनिक सेवाओं के हित में उठाया गया।

इसके अलावा कनाडा ने पढ़ाई के लिए जरूरी वित्तीय प्रमाण यानी गारंटीड इन्वेस्टमेंट सर्टिफिकेट की न्यूनतम राशि 10 हजार कनाडाई डॉलर से बढ़ाकर 20 हजार कनाडाई डॉलर कर दी।

साथ ही, स्टूडेंट डायरेक्ट स्ट्रीम को बंद कर दिया गया, जिससे पहले भारतीय छात्रों को तेजी से वीजा मिल जाता था। दस्तावेजों की जांच और संस्थानों की निगरानी भी पहले से ज्यादा सख्त कर दी गई।

रिजेक्शन बढ़ा, खर्च बढ़ा और नौकरी के मौके घटे

पिछले दो वर्षों में स्टडी परमिट रिजेक्शन दर में भी बड़ा उछाल आया। 2023 में जहां यह 38 प्रतिशत थी, वहीं अगले साल यह बढ़कर 52 प्रतिशत तक पहुंच गई।

भारत जैसे देश में जहां विदेश में पढ़ाई परिवारों की लंबी वित्तीय योजना पर आधारित होती है, वहां बढ़ते जोखिम ने कई परिवारों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।

इसके साथ ही कनाडा में रहने और पढ़ाई का खर्च भी लगातार बढ़ा है। अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए वार्षिक ट्यूशन फीस अब 20 हजार से 40 हजार कनाडाई डॉलर के बीच पहुंच चुकी है। वहीं आवास संकट के कारण रहने का खर्च भी तेजी से बढ़ा है।

नौकरी के अवसर कम होने से छात्रों के लिए पढ़ाई पर किया गया निवेश वापस निकालना भी मुश्किल होता जा रहा है।

भारत-कनाडा तनाव का भी पड़ा असर

साल 2023 में कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा भारत पर खालिस्तानी समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर आरोप लगाए जाने के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव बढ़ गया था।

इसके बाद दोनों देशों ने शीर्ष स्तर के राजनयिक कदम उठाए और वीजा सेवाओं पर भी असर पड़ा। माना जाता है कि इस विवाद ने छात्रों और परिवारों के बीच भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ाई, जिसके चलते कई लोगों ने दूसरे देशों की ओर रुख किया।

हालांकि बाद में दोनों देशों के संबंधों में सुधार की दिशा में कदम बढ़े हैं।

कनाडा का दावा- दरवाजे अब भी खुले हैं

इन परिस्थितियों के बीच भारत में कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस कूटूर ने कहा कि यह धारणा गलत है कि कनाडा अपने दरवाजे बंद कर रहा है।

उन्होंने कहा कि फिलहाल कनाडा में लगभग 4 लाख छात्र मौजूद हैं और वहां छात्रों व अभिभावकों का स्वागत है। साथ ही उन्होंने माना कि वीजा प्रक्रिया में देरी चिंता का विषय रही है, लेकिन इसे आसान और तेज बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Canada Immigration, Canada Study Visa, Indian Students Canada, International Students, Study in Canada, कनाडा इमिग्रेशन नियम, कनाडा में पढ़ाई, कनाडा स्टडी वीजा, कनाडा स्टूडेंट्स गिरावट, भारतीय छात्र कनाडा, विदेश शिक्षा
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article 10 जुलाई 2026 राशिफल, 10 July Rashifal 2026, आज का राशिफल, 10 जुलाई का राशिफल, दैनिक राशिफल, Aaj Ka Rashifal, Daily Horoscope, Horoscope Today, Rashifal Today, Horoscope 10 July 2026, Aries Horoscope, Taurus Horoscope, Gemini Horoscope, Cancer Horoscope, Leo Horoscope, Virgo Horoscope, Libra Horoscope, Scorpio Horoscope, Sagittarius Horoscope, Capricorn Horoscope, Aquarius Horoscope, Pisces Horoscope, Astrology News, Zodiac Predictions 28 जून 2026 का राशिफल: किस राशि पर बरसेगी किस्मत, किसे रहना होगा संभलकर? पढ़ें आज का पूरा भविष्यफल
Next Article जिस बेटे की हो चुकी थी तेरहवीं, वो अचानक लौट आया जिंदा; गिरधर की वापसी के बाद गाजियाबाद पुलिस ने खोली नई जांच

फीचर

View More

भारत का ‘पहला गांव’ माणा जहां रौद्र रूप में दिखती है सरस्वती, 25 साल पुरानी चाय की दुकान भी बनी खास पहचान; जानें इस गांव की अनसुनी कहानी

चमोली: उत्तराखंड को देवभूमि कहा जाता है और यहां मौजूद हर इलाके की अपनी अलग पौराणिक और ऐतिहासिक पहचान है।…

By vineet verma 5 Min Read

18 साल का वो इंकलाबी, जिसकी फांसी के बाद राख चुराने की मच गई थी होड़: पढ़ें खुदीराम बोस के बलिदान की अमर गाथा

भारत के स्वतंत्रता संग्राम में ऐसे कई नायक हुए हैं जिन्होंने अपनी…

6 Min Read

Jharkhand Student Protest: पिता शिबू सोरेन की तस्वीर लेकर बेटे हेमंत के खिलाफ क्यों उतरे छात्र? समझिए पूरा विवाद

रांची में 10 अगस्त को हुए छात्र आंदोलन ने झारखंड की राजनीति…

8 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

Trending Newsअन्य

AI की दुनिया में Anthropic का Claude लाया ‘इनविजिबल वॉटरमार्क’, कॉपी-पेस्ट करने पर भी नहीं मिटेगा निशान

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया लगातार तेजी से बदल रही है और इसके साथ ही AI से बनाए गए कंटेंट की…

4 Min Read
Trending Newsविचार

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार आपने रेडियो देखा और उसका डायल घुमाकर या बटन दबाकर…

7 Min Read
Trending Newsबाजार

टाटा मोटर्स को लगा ‘बड़ा झटका’! सेल्स में आई रॉकेट सी तेज़ी, पर मुनाफ़े में 80% की हुई भारी गिरावट

ऑटोमोबाइल सेक्टर के दिग्गज Tata Motors ने हाल ही में अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं, जो निवेशकों और ऑटो…

3 Min Read
EntertainmentTrending News

मस्ती, सस्पेंस और सस्पेंस का महासंगम! इस शुक्रवार OTT पर छाएगी ये फिल्में, मिलेगा नॉन-स्टॉप एंटरटेनमेंट

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दर्शकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए इस हफ्ते कई बड़ी फिल्में और सीरीज…

3 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?