नई दिल्ली: जून के आखिरी दिनों में ग्रहों की चाल में बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जिसका असर कई राशियों के जीवन पर दिखाई दे सकता है। 29 जून 2026 से 23 जुलाई 2026 तक बुध ग्रह वक्री अवस्था में रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, संवाद, व्यापार, निर्णय क्षमता और तर्क का कारक माना जाता है। ऐसे में बुध की उल्टी चाल कुछ राशियों के लिए चुनौतियां बढ़ाने वाली मानी जा रही है।
इस अवधि में खासतौर पर मिथुन, धनु और वृषभ राशि वालों को अधिक सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
मिथुन राशि: खर्च और रिश्तों में बढ़ सकती है चुनौती
मिथुन राशि के स्वामी बुध माने जाते हैं, इसलिए इस बदलाव का असर इस राशि पर अधिक देखने को मिल सकता है। इस दौरान अचानक खर्च बढ़ने से आर्थिक संतुलन प्रभावित हो सकता है।
बातचीत के दौरान शब्दों का चयन सोच-समझकर करने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि छोटी बात भी विवाद का रूप ले सकती है। व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में संयम बनाए रखना फायदेमंद माना गया है।
धनु राशि: फैसलों में जल्दबाजी पड़ सकती है भारी
धनु राशि के जातकों के लिए यह समय मानसिक दबाव और अनावश्यक चिंताओं वाला माना जा रहा है। व्यापार या कामकाज में उम्मीद के मुताबिक परिणाम न मिलने से तनाव बढ़ सकता है।
आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने और किसी बड़े निर्णय से पहले दोबारा समीक्षा करने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य को लेकर भी लापरवाही से बचने की जरूरत बताई गई है।
वृषभ राशि: कामकाज और योजनाओं में आ सकती हैं रुकावटें
वृषभ राशि के लिए बुध का प्रभाव संचार और प्रयासों से जुड़े क्षेत्रों पर माना जा रहा है। मीडिया, लेखन, मार्केटिंग या सोशल मीडिया से जुड़े लोगों को काम में देरी या बार-बार बदलाव का सामना करना पड़ सकता है।
इस दौरान निवेश से जुड़े बड़े फैसलों को टालना और अपनी रणनीति को सीमित लोगों तक रखना बेहतर माना गया है।
बुध वक्री के दौरान किन बातों का रखें ध्यान?
इस अवधि में नया कारोबार या बड़ा प्रोजेक्ट शुरू करने से बचने की सलाह दी गई है। किसी भी दस्तावेज या आर्थिक समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले उसे ध्यान से पढ़ना जरूरी माना गया है।
महंगे गैजेट्स, वाहन या संपत्ति खरीदने जैसे बड़े फैसलों में जल्दबाजी से बचने की सलाह दी गई है। सोच-समझकर और योजना बनाकर आगे बढ़ना बेहतर विकल्प हो सकता है।