अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए जाने वाले चढ़ावे और नकदी प्रबंधन में सामने आईं गड़बड़ियों के बाद विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। जांच के केंद्र में मुख्य रूप से मंदिर के नकदी प्रबंधन से जुड़े कर्मचारी और ‘टिन्नू यादव’ नाम का एक कर्मी हैं। सूत्रों के अनुसार, वित्तीय पारदर्शिता में हेर-फेर और प्रशासनिक लापरवाही के आरोप में SIT जल्द ही कई बड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाइयां कर सकती है।
बैंक कर्मचारियों पर गहराया शक
SIT की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि जिन कर्मचारियों को राम मंदिर के दानपात्रों से निकलने वाली भारी-भरकम राशि को गिनने, उसका हिसाब रखने और उसे बैंक खातों में सुरक्षित जमा कराने की जिम्मेदारी दी गई थी, उन्होंने अपने दायित्वों में भारी लापरवाही बरती।
मुख्य आरोपियों के साथ-साथ SIT उन बैंक कर्मचारियों की भूमिका की भी बारीकी से जांच कर रही है, जो इस वित्तीय प्रक्रिया से सीधे जुड़े हुए थे। रिपोर्ट्स का कहना है कि इन संदिग्ध बैंक कर्मियों पर कार्रवाई पूछताछ के दौरान उनके बयानों और जांच रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही की जा सकती है।
800 कर्मचारियों का रिकॉर्ड रिकॉर्ड मांगा गया
SIT इस पूरे मामले को महज एक सामान्य चोरी के रूप में नहीं देख रही है, बल्कि इसे एक बड़ी प्रशासनिक और सुरक्षात्मक चूक माना जा रहा है। यही वजह है कि जांच टीम ने मंदिर परिसर के पूरे सुरक्षा ढांचे और प्रशासनिक सुपरविजन (निगरानी) को अपने रडार पर ले लिया है।

मंदिर परिसर में लंबे समय से तैनात सुरक्षा अधिकारियों, सुपरवाइजर्स और प्रशासनिक स्टाफ की पूरी सूची उनके सेवाकाल और कार्यक्षेत्र के विवरण के साथ मांगी गई है।
वर्तमान में राम मंदिर परिसर की सुरक्षा और व्यवस्था में कुल 800 कर्मचारी तैनात हैं। इनमें से लगभग 200 कर्मियों की सीधी नियुक्ति राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा की गई है, जबकि बाकी आउटसोर्स या सुरक्षा बलों से जुड़े हैं। SIT इन सभी के बैकग्राउंड और ड्यूटी चार्ट को खंगाल रही है।
अखिलेश यादव ने की ‘डेली ब्रीफिंग’ की मांग
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर सरकार और मंदिर प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने इसे बेहद संवेदनशील मामला बताते हुए कहा:
“यह सीधे तौर पर श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ है। इस पूरे मामले में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए SIT को अपनी जांच की ‘डेली ब्रीफिंग’ ‘रोजाना प्रगति रिपोर्ट’ सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि जनता को सच का पता चल सके।”
आगे क्या?
SIT की इस आक्रामक कार्रवाई से राम मंदिर परिसर के भीतर और बाहर हड़कंप मचा हुआ है। आने वाले दिनों में कुछ बड़ी गिरफ्तारियां या विभागीय निलंबन देखने को मिल सकते हैं। दूसरी ओर, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भी साफ किया है कि वित्तीय शुचिता से समझौता करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है।