भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन काफी भारी साबित हो रहा है। वेस्ट एशिया में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव और कच्चे तेल की भड़कती कीमतों ने डोमेस्टिक इन्वेस्टर्स का मूड पूरी तरह बिगाड़ दिया है। आज सुबह मार्केट खुलते ही चारों तरफ ‘रेड स्क्रीन’ का दबदबा देखने को मिला।
ओपनिंग बेल होते ही BSE Sensex 400 से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ क्रैश हो गया। वहीं दूसरी ओर, NSE Nifty50 ने भी अपना क्रूशियल सपोर्ट लेवल तोड़ दिया और यह 23,100 के लेवल से नीचे फिसलकर ट्रेड करता हुआ दिखाई दिया।
ब्रेंट क्रूड ऑयल उछलकर 93 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है, जिसका सीधा असर आज भारतीय शेयर बाजार पर दिखा। इस दबाव के कारण BSE सेंसेक्स 400 से अधिक अंक टूट गया और NSE निफ्टी50 ने भी अपना अहम साइकोलॉजिकल सपोर्ट तोड़ते हुए 23,100 का स्तर पार कर नीचे का रुख कर लिया, जिससे बड़े सेक्टर्स में भारी बिकवाली और प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिल रही है।

Sensex की वीकली एक्सपायरी भी
मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक, आज गुरुवार होने के कारण Sensex की वीकली ऑप्शंस एक्सपायरी भी है। इस वजह से दोपहर के ट्रेडिंग सेशन में बाजार में उतार-चढ़ाव और ज्यादा बढ़ने के पूरे आसार हैं। ऐसे हाई-रिस्क माहौल में रिटेल इनवेस्टर्स को बहुत संभलकर ट्रेड करने की जरूरत है।
FIIs की बिकवाली औरक्टोरल अपडेट
आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों ‘FIIs’ ने भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकालना जारी रखा है। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों ‘DIIs’ ने निचले स्तरों पर ‘बाय ऑन डिप्स’ करके बाजार को संभालने की कोशिश की, लेकिन ग्लोबल सेल-ऑफ का प्रेशर इतना ज्यादा था कि मार्केट टिक नहीं सका।
अगर सेक्टर्स की बात करें तो सबसे ज्यादा नुकसान IT, Metal और स्मॉलकैप/मिडकैप शेयरों को उठाना पड़ा है। दूसरी तरफ, सेफ-हेवन एसेट होने के कारण गोल्ड की कीमतें लगातार ऊंचे स्तरों पर बनी हुई हैं।
इनवेस्टर्स के लिए क्या है एक्सपर्ट एडवाइस?
मार्केट के इस उतार-चढ़ाव वाले माहौल में निवेशकों को पैनिक सेलिंग से बचना चाहिए। जानकारों का कहना है कि अगर आपका विज़न लॉन्ग- टर्म का है, तो मजबूत फंडामेंटल वाले बेहतरीन शेयरों में धीरे-धीरे एक्युमुलेट करने का यह अच्छा मौका हो सकता है। हालांकि, शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को आज सख्त स्टॉप-लॉस लगाकर ही पोजीशन लेनी चाहिए।