पटना। नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) की पुनर्परीक्षा (Re-exam) को लेकर बिहार की राजधानी पटना में जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। खान सर की ‘ग्लोबल स्टडीज’ और रोशन आनंद की ‘ज्ञान बिंदु’ कोचिंग के बीच हालिया विवादों के मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। 21 जून को होने वाली इस परीक्षा के दौरान पूरे पटना में कोचिंग संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया गया है।
प्रशासन का ‘जीरो टॉलरेंस’ फॉर्मूला
पटना के जिला प्रशासन ने नीट री-एग्जाम को कदाचारमुक्त और सफल बनाने के लिए कमर कस ली है। इस बार किसी भी तरह की कोताही पर सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- कोचिंग पर ताला: परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए 21 जून को पटना के सभी कोचिंग सेंटर्स बंद रहेंगे।
- सोशल मीडिया पर नजर: अफवाहों और भ्रामक जानकारी फैलाने वालों को रोकने के लिए प्रशासन ने सोशल मीडिया पर 24/7 निगरानी का तंत्र विकसित किया है।
- FIR की चेतावनी: किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है।
- क्षेत्रीय भ्रमण: सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO) और पुलिस अधिकारियों को परीक्षा के दिन लगातार क्षेत्र में गश्त करने के लिए कहा गया है।
46,029 अभ्यर्थी, 95 केंद्र
पटना जिला प्रशासन के अनुसार, इस बार 95 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ कुल 46,029 छात्र नीट की दोबारा परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा में पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
छात्रों और अभिभावकों के लिए बड़ी राहत
भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने छात्रों के लिए कई विशेष सुविधाएं सुनिश्चित की हैं:
- निःशुल्क बस सेवा: बिहार राज्य सड़क परिवहन निगम (BSRTC) की बसों में नीट अभ्यर्थियों को मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी।
- प्यास और सेहत का ख्याल: हर परीक्षा केंद्र पर शुद्ध पेयजल और मेडिकल टीमों की तैनाती रहेगी।
- छायादार स्थल: परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों के लिए शेड (छाया) की व्यवस्था की जाएगी।
क्यों अहम है यह परीक्षा?
पेपर लीक विवाद के बाद यह नीट यूजी की पुनर्परीक्षा छात्रों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। पटना में कोचिंग माफियाओं के बढ़ते प्रभाव और हालिया विवादों को देखते हुए प्रशासन का यह कदम न केवल परीक्षा की शुचिता बचाएगा, बल्कि छात्रों का विश्वास भी बहाल करने में मदद करेगा।