चेन्नई । तमिलनाडु की सियासत में इस वक्त भूचाल आया हुआ है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) से इस्तीफा देने के महज दो दिन बाद पूर्व आईपीएस अधिकारी और फायरब्रांड नेता के. अन्नामलाई (K Annamalai) ने अपनी नई राजनीतिक पारी का शंखनाद कर दिया है। अन्नामलाई ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की विचारधारा पर आधारित एक नए पॉलिटिकल मूवमेंट ‘वी द लीडर’ (We The Leader) की शुरुआत की है।
अन्नामलाई के इस नए दांव ने राज्य के दोनों बड़े क्षेत्रीय दलों (DMK और AIADMK) समेत उनकी पूर्व पार्टी बीजेपी की भी धड़कनें बढ़ा दी हैं। इस आंदोलन की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लॉन्च होने के चंद घंटों के भीतर ही 15 लाख से अधिक लोग इस डिजिटल और जमीनी अभियान से जुड़ चुके हैं। इसे तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास में एक अभूतपूर्व शुरुआत माना जा रहा है।
डॉ. कलाम के नाम पर ‘एथिक्स पॉलिटिक्स’: क्या है अन्नामलाई का मास्टरप्लान?
अन्नामलाई का यह नया आंदोलन ‘एपीजे अब्दुल कलाम सेंटर फॉर एथिक्स एंड पॉलिटिक्स’ के बैनर तले संचालित होगा। इसके तहत कोयंबटूर में एक हाई-टेक ट्रेनिंग और रिसर्च इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है।
“यह आंदोलन किसी एक नेता का नहीं, बल्कि आम जनता को राजनीति के केंद्र में लाने का प्रयास है। डॉ. कलाम उत्कृष्टता, त्याग और राष्ट्रवाद के प्रतीक थे। एक गौरवान्वित तमिल और सच्चे राष्ट्रवादी के रूप में हम उनके विचारों को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं।”
के. अन्नामलाई, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, तमिलनाडु BJP
इस पहल के जरिए अन्नामलाई राज्य के युवाओं, पढ़े-लिखे तबके और न्यूट्रल वोटर्स को अपनी तरफ खींचना चाहते हैं, जो पारंपरिक द्रविड़ राजनीति से अलग एक नया विकल्प तलाश रहे हैं।
BJP से क्यों टूटी बात? इस्तीफे की इनसाइड स्टोरी
5 जून को बीजेपी से अन्नामलाई का इस्तीफा मंजूर होने के बाद यह साफ हो गया था कि उनके और दिल्ली आलाकमान के बीच सब कुछ ठीक नहीं था। अपने त्यागपत्र में उन्होंने साफ लिखा है कि पिछले 18 महीनों से तमिलनाडु के विकास और सांस्कृतिक राजनीति को लेकर पार्टी नेतृत्व और उनकी सोच में बड़ा अंतर (Ideological Differences) आ गया था।
| अन्नामलाई का सियासी सफर | मुख्य पड़ाव |
| साल 2020 | भारतीय पुलिस सेवा (IPS) छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए। |
| साल 2021 | महज 37 वर्ष की उम्र में सबसे युवा तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष बने। |
| जून 2026 | मतभेदों के चलते बीजेपी छोड़ी और ‘We The Leader’ मूवमेंट शुरू किया। |
अन्नामलाई ने यह भांप लिया था कि बीजेपी के केंद्रीय ढांचे में रहकर वह तमिलनाडु की राजनीति में स्वतंत्र रूप से द्रविड़ किलों को नहीं ढहा सकते। इसलिए उन्होंने ‘तमिल गौरव’ और ‘कलाम मॉडल’ को मिलाकर एक नया नैरेटिव तैयार किया है।