झारखंड की सियासत में पिछले कुछ दिनों से चल रहा राज्यसभा टिकट का सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है। सत्तारूढ़ गठबंधन (JMM-Congress Alliance) के बीच दोनों सीटों पर दांवेदारी को लेकर मची रार अब पूरी तरह शांत हो चुकी है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के प्रमुख और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मनाने में कांग्रेस आलाकमान कामयाब रहा है।
इस सियासी संकट को टालने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक भूपेश बघेल और अजय शर्मा ने मोर्चा संभाला था। सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं ने सीएम हेमंत सोरेन के साथ मैराथन बैठक की, जिसके बाद फॉर्मूला 1-1 सीट का तय हुआ। विवाद सुलझने की खुशी में मुख्यमंत्री सोरेन ने आज यानी रविवार (7 जून) की रात को गठबंधन के सभी विधायकों को एक बड़े ‘डिनर’ पर आमंत्रित किया है, जिसे झारखंड की राजनीति में ‘डिनर पॉलिटिक्स’ के जरिए एकजुटता दिखाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
क्या था पूरा विवाद? क्यों आमने-सामने आ गए थे JMM और कांग्रेस
झारखंड में खाली हो रही राज्यसभा की दो सीटों के लिए संख्या बल के हिसाब से सत्ताधारी गठबंधन की जीत तय मानी जा रही थी। लेकिन पेंच तब फंसा जब कांग्रेस ने जेएमएम को भरोसे में लिए बिना मल्लिकार्जुन खरगे के मीडिया सलाहकार प्रणव झा को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया।
“कांग्रेस ने हमें बिना विश्वास में लिए अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया। इससे हमारी भावनाओं को ठेस पहुंची है।” — सुप्रियो भट्टाचार्य, महासचिव, JMM
इस एकतरफा फैसले से नाराज होकर JMM ने दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने और कांग्रेस को झटका देने का मन बना लिया था। शनिवार (6 जून) को JMM ने पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम को अपना पहला आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया और दूसरी सीट पर भी सस्पेंस बरकरार रखा था।
कैसे सुलझा फॉर्मूला? बैकफुट से फ्रंटफुट पर आया गठबंधन
| पार्टी | घोषित उम्मीदवार | सीट शेयरिंग |
| झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) | बैद्यनाथ राम (पूर्व मंत्री) | 1 सीट |
| कांग्रेस (Congress) | प्रणव झा (मल्लिकार्जुन खरगे के सलाहकार) | 1 सीट |
बीजेपी को किसी भी तरह का वॉकओवर या फायदा न मिले, इसके लिए कांग्रेस और JMM के शीर्ष नेतृत्व ने डैमेज कंट्रोल की कमान संभाली। भूपेश बघेल की मध्यस्थता के बाद अब जेएमएम बैद्यनाथ राम और कांग्रेस प्रणव झा के नाम पर सहमत हो गई है। आज रात होने वाली विधायकों की डिनर बैठक में दोनों दलों के नेता एक मंच पर आकर एकजुटता का संदेश देंगे और नामांकन की रणनीति पर मुहर लगाएंगे।