एर्नाकुलम: मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और मशहूर कॉमेडियन सलीम कुमार का 56 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से दक्षिण भारतीय फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। बताया जा रहा है कि वह निमोनिया का इलाज करा रहे थे और इसी दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उनका निधन हो गया।
सलीम कुमार को केरल के एर्नाकुलम स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत गंभीर होने के कारण उन्हें कुछ समय से वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। इलाज के दौरान स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्होंने अंतिम सांस ली।
फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर
सलीम कुमार के निधन की खबर सामने आते ही फिल्म जगत की कई हस्तियों ने दुख व्यक्त किया। अभिनेता पृथ्वीराज सुकुमारन ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि सलीम के साथ बिताई गई यादें हमेशा उनके साथ रहेंगी। वहीं अभिनेता आसिफ अली ने भी उन्हें याद करते हुए भावुक पोस्ट साझा किया।
‘सीआईडी मूसा’ समेत कई फिल्मों से मिली पहचान
सलीम कुमार ने अपने अभिनय करियर में कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। उनकी लोकप्रिय फिल्मों में ‘सीआईडी मूसा’, ‘कल्याणरमन’, ‘उदयपुरम सुल्तान’, ‘ई परक्कम थलिका’, ‘मीशा माधवन’, ‘मायावी’ और ‘पट्टालम’ जैसी फिल्में शामिल हैं। अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग और दमदार अभिनय के दम पर उन्होंने दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई।
वह लंबे समय तक मलयालम सिनेमा के बड़े सितारों के साथ काम करते रहे और कई सफल फिल्मों का हिस्सा बने। उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने खूब सराहा।
1997 में शुरू हुआ था फिल्मी सफर
सलीम कुमार ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत वर्ष 1997 में रिलीज हुई फिल्म ‘इष्टमनु नूरु वट्टम’ से की थी। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और धीरे-धीरे मलयालम सिनेमा के सबसे लोकप्रिय हास्य कलाकारों में अपनी जगह बना ली।
राष्ट्रीय पुरस्कार से भी हुए सम्मानित
साल 2010 में उन्हें फिल्म ‘अदामिंते मकान अबू’ में शानदार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। यह उपलब्धि उनके करियर की सबसे बड़ी सफलताओं में गिनी जाती है। कॉमेडी के साथ-साथ गंभीर भूमिकाओं में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
मरणोपरांत रिलीज होंगी ये फिल्में
पिछले कुछ समय से सलीम कुमार फिल्मी गतिविधियों और सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर थे। हालांकि उनकी कुछ फिल्में अभी रिलीज होना बाकी हैं। बताया जा रहा है कि ‘खलीफा’ और ‘टिकी टाका’ जैसी फिल्में अब उनके निधन के बाद दर्शकों के बीच आएंगी।
सलीम कुमार के निधन से मलयालम सिनेमा ने अपने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसने दशकों तक अपनी अदाकारी और हास्य शैली से दर्शकों का मनोरंजन किया।