ग्लोबल स्टॉक मार्केट में सेमीकंडक्टर और चिप मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को एक बहुत बड़ा झटका लगा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नाम पर चल रही भारी खरीदारी और ओवरवैल्यूएशन के डर से पूरे सेक्टर में भारी बिकवाली देखी गई। इस गिरावट के कारण चिप कंपनियों की मार्केट वैल्यू से लगभग 1.3 डॉलर “ट्रिलियन करीब 108 लाख करोड़ रुपए” पूरी तरह से साफ हो गए हैं।
पिछले कुछ महीनों से NVIDIA, AMD और Broadcom जैसी टेक जायंट कंपनियों के शेयर AI बूम की वजह से रिकॉर्ड ऊंचाई पर ट्रेड कर रहे थे। लेकिन अब निवेशकों के बीच यह चिंता लगातार बढ़ती जा रही है कि क्या इन कंपनियों की भविष्य की ग्रोथ, उनकी आसमान छूती वैल्यूएशन को सही साबित करती है या नहीं। इसी डर और धारणा के चलते बाजार में यह बड़ा करेक्शन देखने को मिला है।

गिरावट के पीछे के कारण
इस भारी गिरावट के पीछे कोई एक नहीं, बल्कि कई व्यापक आर्थिक और कॉरपोरेट कारण जिम्मेदार हैं
ब्रॉडकॉम के Q3 नतीजे
बाजार को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब सेमीकंडक्टर दिग्गज ब्रॉडकॉम ने अपने तिमाही नतीजे जारी किए। ब्रॉडकॉम के कस्टम एआई चिप बिजनेस का रेवेन्यू निवेशकों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा, जिससे पूरे सेक्टर का सेंटिमेंट बिगड़ गया।

यूएस जॉब्स डेटा और ब्याज दरें
अमेरिका में नौकरियों के मजबूत आंकड़े सामने आने के बाद बाजार में यह डर बैठ गया है कि फेडरल रिजर्व शायद ब्याज दरों में जल्द ही कोई कटौती नहीं करेगा। टेक और ग्रोथ स्टॉक्स के लिए हमेशा से ऊंची ब्याज दरें एक बड़ा नकारात्मक पहलू मानी जाती हैं।
ओवरबॉट ज़ोन
पिछले एक साल में AI के हाइप की वजह से ये स्टॉक्स इतनी तेजी से भागे थे कि इनमें मुनाफावसूली आना तय माना जा रहा था।
किस बड़ी कंपनी को हुआ नुकसान?
Marvell Technology: यह स्टॉक लगभग 17% क्रैश हुआ और इस पूरे करेक्शन में सबसे ज़्यादा टूटने वाला शेयर रहा।

Broadcom: अपने कमजोर तिमाही नतीजों के बाद महज दो ट्रेडिंग सेशंस में इसका शेयर लगभग 20% तक टूट गया।

Micron Technology: मेमोरी चिप सप्लाई चेन से जुड़ी चिंताओं के चलते इस कंपनी के स्टॉक में 13% की बड़ी गिरावट आई।

Advanced Micro Devices: कम्पटीशन और प्रीमियम वैल्यूएशन के कारण यह स्टॉक करेक्शन का शिकार होकर 11% नीचे बंद हुआ।

Nvidia: सिर्फ एक ट्रेडिंग सेशन में इसका शेयर लगभग 6% गिरा, जिससे इसके मार्केट कैप से 300 डॉलर बिलियन से ज़्यादा साफ हो गए।

एक्सपर्ट की राय
वित्तीय विशेषज्ञों और “Wells Fargo” जैसी दिग्गज वैश्विक रिसर्च फर्म्स का मानना है कि इस भारी गिरावट को एआई क्रांति का अंत नहीं समझना चाहिए। विश्लेषकों के मुताबिक, यह एक जरूरी और हेल्दी मार्केट करेक्शन है।
चिप स्टॉक्स पिछले एक साल में जरूरत से ज्यादा ऊंचे स्तर पर पहुंच चुके थे। इस तरह के करेक्शन बाजार के सट्टा बुलबुले को साफ करते हैं और लंबी अवधि के निवेशकों के लिए खरीदारी के सही मौके बनाते हैं।