- Bengal Politics Breaking: पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी TMC में मचे घमासान के बीच अब लोकसभा सांसदों के भी बागी होने की खबर है
- सूत्रों का दावा है कि एक दर्जन से ज्यादा सांसद नया गुट बनाने की तैयारी में हैं।
पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। विधानसभा में विधायकों की बगावत झेल रही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर अब केंद्र में भी बड़ा संकट मंडरा रहा है। सियासी गलियारों में चर्चा तेज है कि बंगाल के बागी विधायकों की तर्ज पर अब दिल्ली में टीएमसी के लोकसभा सांसदों का भी एक नया और अलग गुट बन सकता है।
दावा किया जा रहा है कि इस नए गुट में एक दर्जन (12) से अधिक लोकसभा सांसद शामिल हो सकते हैं। इस संभावित बगावत की कमान टीएमसी के ही एक बेहद वरिष्ठ सांसद के हाथों में बताई जा रही है, जो लंबे समय से खुद को पार्टी के भीतर दरकिनार किए जाने से नाराज चल रहे हैं।
क्यों नाराज हैं टीएमसी सांसद?
सूत्रों के मुताबिक, इस संभावित टूट की सबसे बड़ी वजह पार्टी के भीतर आंतरिक कलह है। बताया जा रहा है कि अभिषेक बनर्जी और उनके करीबी सहयोगियों द्वारा वरिष्ठ नेताओं के प्रति किए गए व्यवहार और कथित अनादर से कई सांसद काफी आहत हैं।
बीजेपी के संपर्क में नेता: अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि 4 जून को लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही टीएमसी के कई सांसद लगातार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष नेतृत्व के संपर्क में बने हुए हैं। आने वाले दिनों में टीएमसी के करीब 18 सांसद दिल्ली का रुख कर सकते हैं, जिससे राजनीतिक हलचल और तेज होने की उम्मीद है।
लोकसभा और राज्यसभा का पूरा गणित
इस समय संसद के दोनों सदनों में टीएमसी की स्थिति कुछ इस प्रकार है:
- लोकसभा: टीएमसी के पास कुल 28 सांसद हैं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा बागी रुख अख्तियार कर सकता है।
- राज्यसभा: राज्यसभा में टीएमसी के 13 सांसद हैं। हालांकि, जानकारों का कहना है कि उच्च सदन (Rajya Sabha) के सांसदों में टूट की गुंजाइश न के बराबर है, क्योंकि वे सभी सीधे तौर पर ममता बनर्जी के प्रति वफादार माने जाते हैं।
बंगाल में पहले ही दोफाड़ हो चुकी है पार्टी
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल विधायक दल पहले ही बिखर चुका है। पार्टी से निकाले गए नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में करीब 60 विधायकों का एक बागी गुट खुद को ‘असली टीएमसी’ बता रहा है। इस गुट ने विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) से मंजूरी लेकर ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता भी नियुक्त करवा लिया है। इस गुट ने ममता बनर्जी की पसंद को सीधे चुनौती दी है।
‘अभी और बढ़ेगा समर्थन’ – ऋतब्रत बनर्जी
चुनाव में मिली हार, भ्रष्टाचार के आरोप और आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा था। पिछले दिनों मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा बुलाई गई एक महत्वपूर्ण बैठक में भी कई बागी चेहरे नजर आए थे।शुक्रवार को अपने एक बयान में ऋतब्रत बनर्जी ने बड़ा दावा करते हुए कहा:
“जिस बागी टीएमसी गुट का नेतृत्व मैं कर रहा हूँ, उसे मिलने वाला जनसमर्थन और विधायकों का साथ आने वाले दिनों में और तेजी से बढ़ेगा। विधानसभा में हमारे पास विधायकों का एक बहुत बड़ा हिस्सा है।”
अब देखना यह होगा कि बंगाल से शुरू हुई बगावत की यह चिंगारी दिल्ली में ममता बनर्जी के संसदीय दल को कितना नुकसान पहुँचाती है।