नई दिल्ली: मौसम का मिजाज कब बदल जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। अक्सर गर्मियों और मानसून के दिनों में अचानक तेज हवाएं, धूल भरी आंधी और मूसलाधार बारिश के साथ आसमानी बिजली (Lightning Strike) का कहर देखने को मिलता है। भले ही मौसम कुछ ही मिनटों के लिए बदले, लेकिन इन चंद सेकंडों में बरती गई लापरवाही जान और माल का भारी नुकसान करा सकती है।
अक्सर लोग आंधी-बारिश को केवल एक सुहाना मौसम मानकर कुछ ऐसी आम गलतियां कर बैठते हैं, जो सीधे तौर पर मौत को बुलावा देती हैं। मौसम वैज्ञानिकों और आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों के अनुसार, बिजली कड़कने के दौरान इन 4 जानलेवा गलतियों से बचना बेहद जरूरी है:
1. पेड़ के नीचे पनाह लेना (सबसे बड़ा डेथ ट्रैप)
अचानक बारिश शुरू होने पर ज्यादातर लोग सबसे पहले किसी बड़े और घने पेड़ के नीचे छिपने की कोशिश करते हैं। यह सबसे खतरनाक साबित हो सकता है।
- क्यों है खतरा: आसमानी बिजली हमेशा पृथ्वी पर मौजूद सबसे ऊंची चीजों को अपना पहला निशाना बनाती है। पेड़ ऊंचे और नमी से भरे होते हैं, जिससे वे बिजली को अपनी तरफ तेजी से आकर्षित करते हैं। पेड़ के पास खड़े होने पर ‘साइड फ्लैश’ या सीधे बिजली गिरने का खतरा 90% तक बढ़ जाता है।
2. तूफान के दौरान मोबाइल चार्ज करना
घर के भीतर सुरक्षित रहने के बावजूद लोग एक बड़ी गलती कर बैठते हैं— मोबाइल, लैपटॉप या टीवी को प्लग-इन रखना।
- क्यों है खतरा: आंधी-तूफान के समय बिजली की लाइनों (Power Lines) पर आसमानी बिजली गिरने की संभावना सबसे अधिक होती है। इससे घरों में आने वाले करंट का वोल्टेज अचानक लाखों गुना बढ़ सकता है। अगर आपका फोन या लैपटॉप चार्जिंग पर लगा है, तो पावर सर्ज (Power Surge) के कारण डिवाइस ब्लास्ट हो सकता है या आपको गंभीर शॉक लग सकता है। तूफान शुरू होते ही सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग सॉकेट से निकाल दें।
3. खुले मैदान, खेत या घर की छत पर टिके रहना
कई बार लोग मौसम का लुत्फ उठाने के लिए घर की छत पर चले जाते हैं या खेतों और खुले मैदानों में ही काम करते रहते हैं।
- क्यों है खतरा: यदि आप किसी खुले इलाके में खड़े हैं, तो उस पूरे परिवेश में आप सबसे ऊंचे ऑब्जेक्ट बन जाते हैं। ऐसी स्थिति में बिजली सीधे आप पर गिर सकती है। बिजली कड़कने की पहली आवाज सुनते ही किसी पक्के मकान या सुरक्षित शेल्टर के अंदर चले जाएं।
4. आंधी के बीच ड्राइविंग जारी रखना
तेज हवाओं और धूल भरे तूफान के बीच भी कई लोग कार या बाइक से अपनी यात्रा जारी रखने की जिद करते हैं।
- क्यों है खतरा: आंधी के कारण विजिबिलिटी (दृश्यता) अचानक शून्य हो जाती है, जिससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, तेज हवाओं से भारी पेड़ या बिजली के पोल गाड़ियों पर गिर सकते हैं। समझदारी इसी में है कि आंधी शुरू होते ही अपनी गाड़ी को किसी सुरक्षित और खुली जगह (पेड़ या पोल से दूर) साइड में रोक लें। अगर आप कार के अंदर हैं, तो उसकी खिड़कियां पूरी तरह बंद करके अंदर ही बैठे रहें, क्योंकि कार की मेटल बॉडी एक ‘फैराडे केज’ की तरह काम करती है जो बिजली के असर को जमीन में डाइवर्ट कर देती है।
एक्सपर्ट एडवाइज: 30-30 का नियम याद रखें
आपदा विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आपको बिजली चमकने और कड़कने की आवाज के बीच 30 सेकंड से कम का अंतर महसूस हो, तो तुरंत किसी सुरक्षित पक्की इमारत के अंदर चले जाएं। और आखिरी कड़कड़ाहट के बाद कम से कम 30 मिनट तक घर के अंदर ही रहें। सतर्कता ही इस प्राकृतिक आपदा से बचने का एकमात्र अचूक हथियार है।