OTT की दुनिया में इन दिनों एक नई वेब सीरीज ने सबका ध्यान तो अपनी तरफ़ खीचा ही है साथ ही सबको चौका कर भी रख दीया है। अगर आप ‘मिर्जापुर’ और ‘पाताल लोक’ जैसी डार्क, सस्पेंसभरी कहानियों के शौकीन हैं, तो Netflix की नई हिंदी सीरीज “Glory” आपके वीकेंड का प्लान सेट करने के लिए तैयार है।
दिव्येंदु शर्मा, पुलकित सम्राट और सुविंदर विक्की जैसे दमदार एक्टर्स से सजी ये सीरीज सिर्फ एक स्पोर्ट्स ड्रामा नहीं है, बल्कि यह खेल के मैदान के पीछे छिपे क्राइम, मर्डर मिस्ट्री और पारिवारिक दुश्मनी का एक ऐसा कॉकटेल है जो आपको स्क्रीन से हिलने नहीं देगा।
‘शक्तिगढ़’ का वो खूनी बॉक्सिंग रिंग
सीरीज की कहानी घूमती है ‘शक्तिगढ़’ नाम के एक काल्पनिक शहर के इर्द-गिर्द, जिसे भारत का “बॉक्सिंग हब” कहा जाता है। यहाँ के सबसे सख्त और मशहूर बॉक्सिंग कोच हैं रघुबीर सिंह (सुविंदर विक्की), जिनका एकमात्र सपना अपने शिष्यों के जरिए ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है।

लेकिन कहानी में असली भूचाल तब आता है, जब इस खेल के पीछे एक भयानक अपराध की एंट्री होती है, शहर में एक हिंसक हमला होता है और एक स्टार बॉक्सर की रहस्यमयी मौत हो जाती है। इस हादसे के बाद कोच के दो बेटे- देव “दिव्येंदु शर्मा” और रवि “पुलकित सम्राट”,जो सालों से घर से दूर थे, वापस लौटते हैं। यहाँ से शुरू होता है तीन धागे में बुना खेल बदले की सुलगती आग,परिवार के टूटे हुए रिश्ते और एक ऐसी मर्डर मिस्ट्री, जिसका सच बेहद डरावना है
असली खेल तो इमोशन्स का है
“Glory” सिर्फ पंच और रिंग की कहानी नहीं है। यह गहराई से दिखाती है कि कैसे किसी चीज़ को पाने का अंधा जुनून कैसे हंसते-खेलते रिश्तों को तबाह कर सकता है। पिता का एक सपना कैसे पूरे परिवार पर भारी पड़ जाता है। सच की तलाश में निकले किरदार कैसे खुद ही अपराध के दलदल में धंसते चले जाते हैं।

एक्टिंग के मामले में है ये ‘फुल पैसा वसूल’
इस शो की सबसे बड़ी यूएसपी इसकी स्टारकास्ट की परफॉर्मेंस है “दिव्येंदु शर्मा”, ‘मुन्ना भैया’ के इमेज से बिल्कुल अलग, एक इमोशनली टूटे हुए और उलझे हुए बेटे के रोल में उन्होंने जान फूंक दी है। “पुलकित सम्राट” गुस्से, दर्द और छटपटाहट के बीच फंसे भाई के किरदार में पुलकित ने कमाल का काम किया है।“सुविंदर विक्की” एक सख्त, जुनूनी और पत्थर दिल कोच के रूप में उनका स्क्रीन प्रेजेंस कमाल का है।
इनके अलावा आशुतोष राणा और सयानी गुप्ता जैसे मंझे हुए कलाकारों ने कहानी की कमान को और मजबूती से थामा है।

क्यों खास है “Glory”?
क्रिटिक का कहना है की ये सीरीज हिंदी सिनेमा में स्पोर्ट्स और क्राइम थ्रिलर का ऐसा डार्क कॉम्बिनेशन कम ही देखने को मिलता है। सीरीज की डार्क और रियलिस्टिक टोन कहानी के सस्पेंस को दोगुना कर देती है। कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, परतों के पीछे से नए राज खुलते हैं।