लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त और प्रभावी बनाने के लिए योगी सरकार ने पुलिस महकमे में एक बड़ा और रणनीतिक फेरबदल किया है। सरकार ने गुरुवार को एक आधिकारिक आदेश जारी करते हुए 9 वरिष्ठ आईपीएस (IPS) अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस फेरबदल की सबसे खास बात यह है कि 4 वरिष्ठ एडीजी (ADG) रैंक के अधिकारियों को पदोन्नत (Promote) कर ‘डीजी’ (DG) पद की नई और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रशासनिक गलियारों के अनुसार, इस बड़े बदलाव का मकसद विभिन्न विंग्स और जोन्स की कार्यप्रणाली में नई ऊर्जा फूंकना और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मुस्तैद करना है।
प्रमोशन के साथ इन 4 सीनियर अफसरों को मिली DG की कमान
सरकारी सूची के अनुसार, चार प्रमुख अधिकारियों का कद बढ़ाते हुए उन्हें महानिदेशक (DG) स्तर की महत्वपूर्ण विंग्स सौंपी गई हैं:
- आलोक सिंह (IPS 1995): कानपुर जोन के एडीजी पद पर तैनात रहे आलोक सिंह को प्रमोट कर प्रोविंशियल आर्म्ड कांस्टेबुलरी (PAC) मुख्यालय का नया डीजी बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें विशेष सुरक्षा बल (SSF) का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
- ध्रुव कान्त ठाकुर (IPS 1994): नागरिक सुरक्षा और विशेष सुरक्षा बल के अतिरिक्त प्रभार में रहे डीके ठाकुर को अब होमगार्ड विभाग का नया डीजी/महासमादेष्टा नियुक्त किया गया है। साथ ही वे नागरिक सुरक्षा का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे।
- बिनोद कुमार सिंह (IPS 1994): सीआईडी और साइबर क्राइम के एडीजी पद पर कार्यरत रहे बिनोद कुमार सिंह को पदोन्नति देकर डीजी सीआईडी बनाया गया है। उन्हें साइबर क्राइम और यूपी-112 का अतिरिक्त जिम्मा भी सौंपा गया है।
- जय नारायन सिंह (IPS 1994): यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड में तैनात रहे जय नारायन सिंह को अब आर्थिक अपराध शाखा (EOW), लखनऊ का नया डीजी नियुक्त किया गया है।
कानपुर-आगरा जोन और क्राइम ब्रांच में बड़े बदलाव (ADG & IG स्तर)
एडीजी और आईजी स्तर के फील्ड और मुख्यालय के समीकरणों में भी बड़ा उलटफेर देखने को मिला है:
- अनुपम कुलश्रेष्ठ (IPS 1995): अब तक आगरा जोन की जिम्मेदारी संभाल रहीं तेजतर्रार महिला अफसर अनुपम कुलश्रेष्ठ को कानपुर जोन का नया एडीजी नियुक्त किया गया है।
- एस.के. भगत (IPS 1998): मुख्यालय पर एडीजी अपराध (Crime) की जिम्मेदारी देख रहे एस.के. भगत को अब फील्ड में भेजते हुए आगरा जोन का नया एडीजी बनाया गया है।
- ए. सतीश गणेश (IPS 1996): यातायात एवं सड़क सुरक्षा निदेशालय में तैनात ए. सतीश गणेश को अब एडीजी अपराध (Crime), लखनऊ की बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही वे अपने पुराने विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी संभालते रहेंगे।
- डॉ. आर.के. स्वर्णकार (IPS 1996): पीएसी मुख्यालय में एडीजी रहे डॉ. आर.के. स्वर्णकार को अब उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL), लखनऊ का एडीजी बनाया गया है।
- श्रीमती गीता सिंह (IPS 2007): आईजी (IG) स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए गीता सिंह को अभियोजन निदेशालय से हटाकर प्रशिक्षण निदेशालय, लखनऊ का नया आईजी नियुक्त किया गया है।

क्यों अहम है सरकार का यह फैसला?
प्रशासनिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फेरबदल के जरिए सरकार ने आगामी महीनों की चुनौतियों को देखते हुए अनुभव और फील्ड कमांड का एक बेहतर संतुलन बनाने की कोशिश की है। जहाँ एक तरफ पीएसी, ईओडब्ल्यू और साइबर क्राइम जैसे तकनीकी और सुरक्षा बलों को नए विज़न वाले डीजी मिले हैं, वहीं कानपुर और आगरा जैसे संवेदनशील औद्योगिक और पर्यटन जोन्स में अनुभवी कप्तानों की तैनाती की गई है।
शासकीय आदेश जारी होने के बाद पुलिस मुख्यालय में हलचल तेज हो गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि सभी संबंधित अधिकारी अगले 24 से 48 घंटों के भीतर अपने नए पदों का कार्यभार संभाल लेंगे।