पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि पर आज पूरा देश उन्हें याद कर रहा है। इस मौके पर जहां कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपने पिता को याद करते हुए एक बेहद भावुक संदेश साझा किया, वहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने भी उन्हें नमन किया।
“आपकी सीख हमेशा साथ रहेगी”
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने बचपन की एक पुरानी तस्वीर शेयर की, जिसमें वे अपने पिता राजीव गांधी के साथ नजर आ रहे हैं। तस्वीर के साथ उन्होंने एक इमोशनल नोट लिखा:
“पापा, आपके द्वारा देखे गए कुशल, समृद्ध और मजबूत भारत के सपने को साकार करने की जिम्मेदारी मैं पूरी तरह से निभाऊंगा। आपकी सीख, आपके मूल्य और आपकी यादें हमेशा मेरे साथ रहेंगी।”

‘वीर भूमि’ पर उमड़ा गांधी परिवार
सुबह दिल्ली स्थित राजीव गांधी के स्मारक ‘वीर भूमि’ पर एक विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सुबह-सुबह स्मारक पर पहुंचे।
तीनों नेताओं ने बेहद गंभीर और भावुक माहौल में राजीव गांधी की समाधि पर सफेद फूल अर्पित कर उन्हें पुष्पांजलि दी। इस दौरान प्रियंका गांधी के बच्चे, रेहान और मिराया वाड्रा भी उनके साथ मौजूद रहे। स्मारक पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया था, जहां देशभक्ति और शांति के गीतों के बीच नेताओं ने मौन रखकर पूर्व प्रधानमंत्री को याद किया। उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौजूद थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री को याद किया। PMO द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी करते हुए लिखा:
“पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि।”

आधुनिक भारत के निर्माता के रूप में याद किए गए राजीव गांधी
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेताओं ने भी राजीव गांधी के योगदान को रेखांकित किया। नेताओं ने कहा कि राजीव गांधी ने ही भारत में कंप्यूटर और IT क्रांति की नींव रखी थी। इसके अलावा, पंचायती राज को मजबूत करने और युवाओं को मतदान का अधिकार देने जैसे बड़े फैसले उन्हीं के कार्यकाल में हुए थे।
1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी 40 वर्ष की उम्र में भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने थे। 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में एक चुनावी रैली के दौरान “एलटीटीई” के आत्मघाती हमले में उनकी असमय मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद से इस दिन को आतंकवाद विरोधी दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।