इस्लामाबाद/नई दिल्ली। पाकिस्तान की सरजमीं पर भारत के दुश्मनों और मोस्ट वांटेड आतंकियों के रहस्यमयी तरीके से सफाए का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस कड़ी में अब तक की सबसे बड़ी खबर सामने आई है। भारत के सबसे बड़े जख्मों में से एक—पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड और खूंखार आतंकी संगठन ‘अल-बद्र’ के टॉप ऑपरेशनल कमांडर अरजमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान (उर्फ डॉक्टर) की पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद में सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई है।
सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, मुजफ्फराबाद में अज्ञात हमलावरों ने हमजा बुरहान को घेरकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, इस बार एक नया मोड़ यह आया है कि गोलीबारी करने वाले एक संदिग्ध को वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने पकड़कर पाकिस्तानी पुलिस के हवाले कर दिया है, जिससे पूछताछ की जा रही है।
कश्मीर से पाकिस्तान… और फिर बना ‘मोस्ट वांटेड’
मारा गया आतंकी अरजमंद गुलजार मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा का रहने वाला था। खूफिया रिपोर्टों के अनुसार:
- 7 साल पहले का कनेक्शन: वह करीब 7 साल पहले कानूनी दस्तावेजों का सहारा लेकर वैध तरीके से पाकिस्तान गया था।
- अल-बद्र का कमांडर: पाकिस्तान पहुंचने के बाद उसने भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले आतंकी संगठन ‘अल-बद्र’ का दामन थाम लिया। अपनी क्रूरता और तेज दिमाग के कारण वह जल्द ही संगठन का मुख्य ऑपरेशनल कमांडर बन बैठा।
- आतंक का रिमोट कंट्रोल: वह पाकिस्तान में सुरक्षित बैठकर कश्मीर घाटी, खासकर दक्षिण कश्मीर में आतंकियों की नई भर्ती, हथियारों की स्मगलिंग और टेरर फंडिंग का पूरा नेटवर्क ऑपरेट कर रहा था।
भारत सरकार ने 2022 में घोषित किया था ‘आधिकारिक आतंकवादी’
हमजा बुरहान भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर लंबे समय से था। उसकी खतरनाक गतिविधियों को देखते हुए भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने वर्ष 2022 में उसे यूएपीए (UAPA) के तहत आधिकारिक तौर पर आतंकवादी घोषित किया था। पुलवामा, शोपियां और अवंतीपोरा जैसे संवेदनशील इलाकों में हुए कई ग्रेनेड हमलों, आईईडी (IED) की बरामदगी और स्थानीय युवाओं को भड़काने के पीछे सीधे तौर पर इसी का दिमाग काम कर रहा था।
बुरहान वानी की तरह चला रहा था ‘डिजिटल कट्टरपंथ मॉडल’
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हमजा बुरहान घाटी में उसी ‘डिजिटल कट्टरपंथ मॉडल’ पर काम कर रहा था, जिसे कभी बुरहान वानी ने शुरू किया था। वह सोशल मीडिया, टेलीग्राम और अन्य एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए कश्मीर के भोले-भले युवाओं को बरगलाता था और उन्हें बंदूक उठाने के लिए उकसाता था। पाकिस्तान से बैठकर वह अपने लोकल स्लीपर सेल्स और ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) के जरिए कश्मीरी युवाओं तक पैसा और हथियार पहुंचाता था।
मुजफ्फराबाद में हमजा बुरहान का मारा जाना पाकिस्तान में छिपे बैठे भारत विरोधी तत्वों के लिए एक और बड़ा झटका है। पिछले कुछ समय में पाकिस्तान के भीतर लश्कर, जैश और अल-बद्र जैसे संगठनों के कई टॉप कमांडरों की इसी तरह अज्ञात हमलावरों द्वारा हत्या की जा चुकी है, जिससे वहां छिपे आतंकियों में भारी खौफ का माहौल है।