लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज राजनीतिक पारा उस समय चढ़ गया जब ‘आम आदमी पार्टी’ (AAP) के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटर के विरोध में शक्ति भवन के सामने जोरदार प्रदर्शन किया।
हाथों में सरकार विरोधी बैनर और पोस्टर लिए कार्यकर्ताओं ने बीच सड़क पर बैठकर जमकर नारेबाजी की, जिससे यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई। प्रदर्शनकारी स्मार्ट मीटर योजना को जनविरोधी बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग पर अड़े रहे।
विधानसभा मार्च की कोशिश, पुलिस ने बनाया ‘चक्रव्यूह’
प्रदर्शन की शुरुआत शक्ति भवन के मुख्य द्वार से हुई, जहाँ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों ने जब विधानसभा की ओर मार्च करने की कोशिश की, तो पुलिस ने पहले से की गई बैरिकेडिंग के जरिए उन्हें बीच रास्ते में ही रोक लिया।
इस दौरान पुलिस और ‘आप’ कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। पुलिस अधिकारियों द्वारा समझाने के बावजूद जब प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हुए, तो पुलिस ने कई सक्रिय कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क जाम कर दी। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर के जरिए जनता पर बिजली बिल का अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। प्रदर्शन को देखते हुए शक्ति भवन और विधानसभा मार्ग पर भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई थी। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे कई प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस बस में भरकर ले गई।
आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेतृत्व का कहना है कि यह प्रदर्शन सिर्फ शुरुआत है। अगर स्मार्ट मीटर वापस नहीं लिए गए, तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा। वहीं, इस हंगामे के कारण शक्ति भवन के आसपास के इलाकों में घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।