तेहरान/दुबई। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे, मोजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर पूरी दुनिया में सस्पेंस गहरा गया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक हालिया कार्यक्रम में मोजतबा की तस्वीरों का ‘शहीदों’ के पोस्टरों के साथ दिखना महज़ एक संयोग है या किसी बड़ी अनहोनी का संकेत? इस सवाल ने अंतरराष्ट्रीय गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
रहस्यमयी गायब होना और हमले की अटकलें
पिछले कुछ समय से मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक मंचों से पूरी तरह गायब हैं। अपुष्ट रिपोर्टों और सोशल मीडिया पर चल रहे दावों की मानें तो कुछ सूत्रों का कहना है कि एक अमेरिकी हमले के दौरान मोजतबा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दावों के अनुसार, उनका चेहरा झुलस गया है और उन्हें बोलने में असमर्थता हो रही है।
IRGC के कार्यक्रम में आमतौर पर केवल शहीद सैनिकों और कमांडरों की तस्वीरें लगाई जाती हैं। वहां मोजतबा की तस्वीर का होना विशेषज्ञों को यह सोचने पर मजबूर कर रहा है कि क्या ईरान धीरे-धीरे उनकी ‘शहादत’ की खबर स्वीकार करने की जमीन तैयार कर रहा है।
रक्षा विशेषज्ञों की नजर: क्या सच छुपा रहा है ईरान?
इस आंतरिक उथल-पुथल के बीच ईरान ने अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन और तेज कर दिया है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज स्ट्रेट का नियंत्रण पूरी तरह उनके पास है। खातम अल-अंबिया मुख्यालय ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने समुद्री नाकेबंदी या दबाव बनाने की कोशिश की, तो उसे कड़ा सैन्य जवाब मिलेगा।
ईरान का कहना है कि उसकी मिसाइल क्षमताएं और रक्षा तंत्र पहले से कहीं अधिक सशक्त हैं और दुश्मन अब पीछे हटने का रास्ता तलाश रहे हैं।
ईरान में सत्ता के उत्तराधिकार को लेकर मोजतबा का नाम हमेशा से सबसे आगे रहा है। ऐसे में उनकी सेहत या संभावित मौत की खबरें न केवल ईरान के आंतरिक प्रशासन बल्कि पूरे मध्य पूर्व की भू-राजनीति को बदल सकती हैं। जब तक तेहरान से कोई आधिकारिक बयान नहीं आता, दुनिया की नजरें इन ‘शहीद पोस्टरों’ के पीछे छिपे राज पर टिकी रहेंगी।