देश में इस साल गर्मी ने समय से पहले ही अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। अप्रैल का महीना खत्म होने से पहले ही कई राज्यों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले हफ्ते और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
मौसम के इस बदले तेवर ने यह साफ कर दिया है कि अब भीषण गर्मी सिर्फ एक मौसमी घटना नहीं, बल्कि तेजी से बदलते जलवायु पैटर्न की नई हकीकत बनती जा रही है।
देश के कई हिस्सों में 43 डिग्री के पार तापमान
भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, देश के कई शहरों में तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। एक ही दिन में कई स्थानों पर पारा 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जो अप्रैल के लिहाज से असामान्य माना जा रहा है। ओडिशा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में तापमान 44 डिग्री के आसपास पहुंचना इस बात का संकेत है कि गर्मी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है।
दिल्ली-NCR में भी लू जैसे हालात
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भी हालात तेजी से बिगड़ते दिख रहे हैं। दिल्ली और आसपास के इलाकों में तापमान सामान्य से कई डिग्री अधिक दर्ज किया गया है, जिससे लोगों को दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर यही ट्रेंड जारी रहा, तो आने वाले दिनों में लू की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
कई राज्यों में बढ़ा तापमान, सामान्य से ऊपर आंकड़े
उत्तर भारत से लेकर मध्य और पूर्वी भारत तक गर्मी का असर साफ नजर आ रहा है।
जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में भी सामान्य से अधिक तापमान दर्ज किया गया, जबकि उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में भी गर्मी लगातार बढ़ रही है। हालांकि, पहाड़ी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में अभी तापमान अपेक्षाकृत नियंत्रित बना हुआ है।
इन राज्यों में लू का अलर्ट
IMD ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में कई राज्यों में हीटवेव का असर देखने को मिलेगा।
पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, ओडिशा और झारखंड समेत कई क्षेत्रों में लू चलने की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी लगातार कई दिनों तक भीषण गर्मी पड़ने के आसार हैं।
मई-जून में और बढ़ेगा खतरा
मौसम विभाग के अनुसार, मई और जून में हालात और गंभीर हो सकते हैं। हर साल जहां सीमित दिनों तक हीटवेव चलती है, वहीं इस बार इन दिनों की संख्या सामान्य से ज्यादा रहने का अनुमान है। यह संकेत देता है कि देश को इस बार लंबी और तीव्र गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। मौसम के इस असामान्य बदलाव के पीछे जलवायु परिवर्तन एक बड़ा कारण है। अब अत्यधिक गर्मी अपवाद नहीं रही, बल्कि धीरे-धीरे सामान्य स्थिति बनती जा रही है।