नई दिल्ली: दिल्ली के पॉश इलाके ‘ईस्ट ऑफ कैलाश’ में हुई आईआरएस (IRS) अधिकारी की बेटी की नृशंस हत्या के मामले में आरोपी राहुल मीणा को साकेत कोर्ट ने 4 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। कोर्ट रूम के भीतर का नजारा बेहद तनावपूर्ण था, जहाँ आरोपी ने न केवल अपना जुर्म कबूला, बल्कि माफी की गुहार लगाते हुए अपराध के पीछे की थ्योरी भी बदलने की कोशिश की।
कोर्ट रूम में आरोपी का कबूलनामा और सफाई
सुनवाई के दौरान राहुल मीणा ने न्यायाधीश के सामने हाथ जोड़कर कहा, “मुझे माफ कर दीजिए, मैंने यह अपराध किया है।” हालांकि, उसने हत्या के पीछे की मंशा को लेकर एक नया दावा पेश किया। आरोपी ने कहा कि वह घर में केवल लूटपाट के इरादे से घुसा था और उसका मकसद सिर्फ नकदी और जेवरात लेना था। पुलिस ने भी कोर्ट को बताया कि आरोपी के पास से कुछ गहने और कैश बरामद किए गए हैं।
चोट के निशान और ‘क्राइम सीन’ री-क्रिएशन
अदालत में पेशी के वक्त आरोपी के शरीर पर चोट के कुछ निशान भी देखे गए, जिसकी जानकारी उसने खुद कोर्ट को दी। वहीं, दिल्ली पुलिस ने दलील दी कि मामले की कड़ियाँ जोड़ने के लिए आरोपी को राजस्थान के अलवर ले जाना बेहद जरूरी है।
- मकसद: अलवर में आरोपी द्वारा किए गए पिछले अपराध और दिल्ली की घटना के बीच का संबंध जोड़ना।
- जांच: पुलिस उस ‘गुप्त चाबी’ और वारदात में इस्तेमाल हथियारों की तलाश कर रही है।
हत्या या सुनियोजित बदला?
हालांकि आरोपी इसे महज ‘लूट के दौरान हुई गलती’ बता रहा है, लेकिन पुलिस को शक है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी। चूंकि उसे डेढ़ महीने पहले ही नौकरी से निकाला गया था, इसलिए ‘बदले की भावना’ वाले एंगल पर भी गहराई से पूछताछ की जा रही है। साकेत कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि रिमांड के दौरान आरोपी का मेडिकल परीक्षण और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
अगले 4 दिनों तक दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीमें आरोपी को लेकर अलवर और दिल्ली के उन ठिकानों पर जाएंगी जहाँ उसने फरारी काटी थी। पुलिस का मानना है कि ‘क्राइम सीन री-क्रिएशन’ से यह साफ हो जाएगा कि आरोपी ने घर में घुसने के बाद कितनी बेरहमी से इस वारदात को अंजाम दिया था।