नई दिल्ली: उत्तर भारत के किसानों और आम जनता के लिए अगले कुछ दिन बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो गया है, जिसके चलते दिल्ली-एनसीआर समेत देश के 10 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की आशंका है।
खासकर 7 से 9 अप्रैल के बीच यह वेदर सिस्टम अपने चरम पर होगा, जो देश के लगभग 40 प्रतिशत भू-भाग को प्रभावित कर सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ: क्यों बढ़ी है आफत?
भूमध्य सागर से नमी लेकर आ रहा यह मौसम तंत्र पहले के मुकाबले कहीं अधिक शक्तिशाली है। IMD के मुताबिक, यह वेदर सिस्टम ‘स्कैटर’ (छिटपुट) तरीके से असर करेगा। इसका मतलब है कि एक ही शहर के कुछ इलाकों में भारी तबाही हो सकती है, जबकि कुछ किलोमीटर दूर मौसम शांत रह सकता है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के चलते उत्तर भारत में बारिश, गरज और ओलावृष्टि का कारण बनेगा। गुरुग्राम, दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और नोएडा उन क्षेत्रों में शामिल हैं जहां आज सोमवार (6 अप्रैल) की रात आंधी-तूफान और बारिश की सबसे अधिक संभावना है।
पश्चिमी विक्षोभ से फिर बढ़ी आफत, कई राज्यों में ओलावृष्टि का अलर्ट
गुरुग्राम में 4 अप्रैल को तेज आंधी-तूफान के साथ मौसम ने अचानक करवट ली। कुछ ही देर में जोरदार बारिश हुई और ओले भी गिरे, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, आज रात भी इसी तरह के हालात बने रहने की संभावना है।
हालांकि, एनसीआर के करीब 50 से 60 प्रतिशत हिस्सों में बारिश नहीं होने की भी आशंका जताई गई है।
India Meteorological Department (IMD) के मुताबिक, पहले की तुलना में अधिक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से 7 से 9 अप्रैल के बीच देश के बड़े हिस्से में तेज आंधी-तूफान और भीषण ओलावृष्टि की संभावना है।
कौन-कौन से राज्य होंगे प्रभावित?
- मौसम विभाग ने उत्तर और मध्य भारत के एक बड़े हिस्से के लिए चेतावनी जारी की है। प्रभावित होने वाले मुख्य राज्य हैं:
- पहाड़ी क्षेत्र: हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड (भारी बर्फबारी और ओले)।
- मैदानी इलाके: दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश।
- मध्य और पूर्वी भारत: उत्तरी मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और उत्तर-पूर्वी भारत के राज्य।