मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब भारत की रसोई गैस व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। Strait of Hormuz से होकर आने वाली गैस सप्लाई पर बढ़ती चिंता के बीच भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगाता है और एलपीजी आयात का काफी हिस्सा इसी समुद्री रास्ते से आता है। ऐसे में Iran, Israel और United States के बीच बढ़ते तनाव ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है।
सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है और आम उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय हालात का असर कीमतों पर लगातार पड़ रहा है। पिछले महीने घरेलू 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, वहीं 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम भी बढ़े थे।

अप्रैल की शुरुआत में तेल कंपनियों ने एक बार फिर कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव किया। 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 195 रुपये से लेकर 218 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके अलावा 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर भी 51 रुपये महंगे हो गए।
दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर लेने के नियम बदले
Delhi सरकार ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई को लेकर नए नियम लागू किए हैं। अब जिन इलाकों में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG की सुविधा उपलब्ध है, वहां व्यवसायिक उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर तभी मिलेगा जब वे PNG कनेक्शन लेने की दिशा में कदम बढ़ाते दिखेंगे।
नई व्यवस्था के तहत होटल, रेस्टोरेंट और अन्य कमर्शियल उपभोक्ताओं को संबंधित तेल कंपनी में पंजीकरण कराना होगा। साथ ही उन्हें यह बताना होगा कि उन्होंने PNG कनेक्शन के लिए आवेदन किया है या सुविधा उपलब्ध होने पर भविष्य में लेने के लिए तैयार हैं।

रिकॉर्ड जांचेंगी तेल कंपनियां
तेल विपणन कंपनियों को उपभोक्ताओं के दस्तावेज जांचने की जिम्मेदारी दी गई है। यह जानकारी बाद में Indraprastha Gas Limited को भी भेजी जाएगी ताकि आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
सरकार का मानना है कि इससे एलपीजी की मांग को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा और घरेलू उपयोग वाले सिलेंडर के दुरुपयोग पर भी रोक लगेगी। फिलहाल दिल्ली में लाखों घरेलू एलपीजी कनेक्शन हैं और PNG नेटवर्क तेजी से बढ़ाया जा रहा है।