Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Reading: विज्ञान की सबसे चौंकाने वाली खोज- ‘Zombie Cell’ तकनीक से मृत कोशिकाओं को लैब में किया जिन्दा !
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > विज्ञान की सबसे चौंकाने वाली खोज- ‘Zombie Cell’ तकनीक से मृत कोशिकाओं को लैब में किया जिन्दा !
Trending Newsअन्य

विज्ञान की सबसे चौंकाने वाली खोज- ‘Zombie Cell’ तकनीक से मृत कोशिकाओं को लैब में किया जिन्दा !

news desk
Last updated: March 25, 2026 5:56 pm
news desk
Share
सिंथेटिक बायोलॉजी में बड़ा ब्रेकथ्रू
सिंथेटिक बायोलॉजी में बड़ा ब्रेकथ्रू
SHARE

नई दिल्ली:  विज्ञान की दुनिया में एक ऐसा कारनामा हुआ है, जो अब तक सिर्फ साइंस-फिक्शन फिल्मों में ही देखने को मिलता था। अमेरिका के J. Craig Venter Institute (JCVI) के वैज्ञानिकों ने मृत बैक्टीरिया की कोशिकाओं को दोबारा “जिंदा” कर दिखाया है। उन्होंने इन निष्क्रिय कोशिकाओं के अंदर दूसरे बैक्टीरिया का पूरा सिंथेटिक जीनोम डाल दिया, जिसके बाद ये कोशिकाएं फिर से बढ़ने और काम करने लगीं। वैज्ञानिकों ने इन्हें दिलचस्प नाम दिया है – ‘जॉम्बी सेल्स’ (Zombie Cells)।

Contents
आखिर ‘जॉम्बी सेल’ बनती कैसे है?2010 की खोज से एक कदम आगेक्यों खास है ये खोज?एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं?

यह दुनिया की पहली ऐसी सिंथेटिक बैक्टीरियल सेल मानी जा रही है, जो पूरी तरह गैर-जीवित हिस्सों से बनाकर फिर जीवित की गई है। एक्सपर्ट्स इसे सिंथेटिक बायोलॉजी के क्षेत्र में बड़ा ब्रेकथ्रू मान रहे हैं, जिससे भविष्य में दवाइयों, बायोफ्यूल और पर्यावरण-अनुकूल प्रोडक्ट्स के उत्पादन में क्रांति आ सकती है।

आखिर ‘जॉम्बी सेल’ बनती कैसे है?

पूरी प्रक्रिया सुनने में थोड़ी फिल्मी लग सकती है, लेकिन है पूरी तरह साइंटिफिक। रिसर्चर्स ने सबसे पहले Mycoplasma capricolum नाम के बैक्टीरिया को एक खास केमिकल Mitomycin C से ट्रीट किया। इस केमिकल ने उसके डीएनए को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया – यानी कोशिका “फंक्शनली डेड” हो गई। वह खुद से बढ़ या रिप्रोड्यूस नहीं कर सकती थी, लेकिन उसका ढांचा (cell structure) जस का तस बना रहा।

इसके बाद असली गेम शुरू हुआ। वैज्ञानिकों ने दूसरे बैक्टीरिया Mycoplasma mycoides का पूरी तरह सिंथेटिक जीनोम तैयार किया और उसे इन “मृत” कोशिकाओं में ट्रांसप्लांट कर दिया। जैसे ही नया जीनोम अंदर गया, कुछ कोशिकाएं फिर से एक्टिव हो गईं और नए डीएनए के हिसाब से काम करने लगीं।

रिसर्च टीम की वैज्ञानिक Zumra Pecxaglam Sidel ने कहा, “कोशिका लगभग मर चुकी थी, लेकिन हमने उसे नई जिंदगी दे दी।” वहीं सह-लेखक John Glass के मुताबिक, “हम एक ऐसी कोशिका लेते हैं जो बिना जीनोम के है और काम नहीं कर सकती, फिर उसमें नया जीनोम डालकर उसे फिर से जिंदा कर देते हैं।”

यह रिसर्च फिलहाल प्रीप्रिंट प्लेटफॉर्म bioRxiv पर मौजूद है और अभी peer review प्रक्रिया में है।

2010 की खोज से एक कदम आगे

दरअसल, यह उपलब्धि 2010 की उस ऐतिहासिक रिसर्च का अगला लेवल है, जब Craig Venter की टीम ने पहली बार पूरी तरह सिंथेटिक जीनोम बनाकर एक जीवित कोशिका में डाला था। लेकिन उस समय रिसीवर सेल पहले से जिंदा थी।

इस बार कहानी अलग है – यहां वैज्ञानिकों ने पहले कोशिका को “मार” दिया और फिर उसमें नया जीनोम डालकर उसे जिंदा किया। यानी पहली बार पूरी तरह non-living सिस्टम से living cell बनाई गई है।

क्यों खास है ये खोज?

इस टेक्नोलॉजी के कई बड़े फायदे सामने आ सकते हैं:

  • अब वैज्ञानिक “खाली” कोशिकाओं में अपनी जरूरत के हिसाब से जीनोम डालकर नए माइक्रोब्स डिजाइन कर सकते हैं।
  • पहले जीनोम ट्रांसप्लांट में पुराने और नए डीएनए के मिक्स होने से गड़बड़ी होती थी, अब यह समस्या खत्म हो सकती है।
  • भविष्य में यह तकनीक E. coli जैसे आम बैक्टीरिया पर भी लागू हो सकती है, जिससे रिसर्च और तेज हो जाएगी।

National Institute of Standards and Technology की वैज्ञानिक Elizabeth Strychalski ने कहा, “अब जीवन और मृत्यु के बीच की रेखा और धुंधली हो गई है। हम इन प्रक्रियाओं को इंजीनियर कर सकते हैं।”

एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं?

फ्रांस के INRAE के वैज्ञानिक Olivier Borkowski ने इसे “सिंथेटिक बायोलॉजी में बड़ा कदम” बताया है। हालांकि कुछ एक्सपर्ट्स ने बायोसेफ्टी को लेकर सवाल भी उठाए हैं, लेकिन फिलहाल रिस्क कम माना जा रहा है।

कुल मिलाकर, यह खोज भविष्य की बायोटेक दुनिया को पूरी तरह बदल सकती है। अब वैज्ञानिक सिर्फ जीवों को समझेंगे ही नहीं, बल्कि उन्हें डिजाइन भी कर पाएंगे। “जॉम्बी सेल” सुनने में भले डरावना लगे, लेकिन यह टेक्नोलॉजी आने वाले समय में दवा, ऊर्जा और पर्यावरण के क्षेत्र में बड़ा गेमचेंजर बन सकती है।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: bacteria research, bio research, biofuel technology, Biotechnology Breakthrough, dna research, future medicine, genetic engineering, genome editing, jcvi research, lab experiment, microbiology, mycoplasma, Science News, synthetic biology, zombie cells
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article कुंभ गर्ल मोनालिसा का बड़ा आरोप! कुंभ गर्ल मोनालिसा का बड़ा आरोप! डायरेक्टर को बताया ‘गंदा इंसान’, इंडस्ट्री में हड़कंप! सनोज मिश्रा पर लगाए चौंकाने वाले आरोप
Next Article ट्रांसजेंडर बिल 2026 पर बवाल! ट्रांसजेंडर बिल 2026 पर बवाल! सुप्रीम कोर्ट कमेटी ने कहा– ‘तुरंत वापस लो’ , LGBTQ+ कम्युनिटी ने नए कानून को बताया अधिकारों के खिलाफ

फीचर

View More
AT1 बॉन्ड्स HDFC Bank विवाद

HDFC Bank Crisis Explained: AT1 Bonds का सच — क्यों HDFC Bank विवाद ने हिला दी “सेफ इन्वेस्टमेंट” की धारणा ?

नई दिल्ली:  भारत के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC Bank में अचानक उठा विवाद सिर्फ एक इस्तीफे की खबर नहीं…

By Gopal Singh 5 Min Read

अली खामेनेई से अली लारीजानी तक: ईरान के 6 शीर्ष चेहरे, जिन्हें गंवानी पड़ी जान

ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल की जंग को अब 18 दिन…

5 Min Read
राज्यसभा चुनाव 2026 क्रॉस वोटिंग कांग्रेस

राज्यसभा चुनाव 2026: ओडिशा से बिहार तक क्रॉस वोटिंग का खेल, मुस्लिम विधायकों ने भी दिया झटका !

16 मार्च 2026 के राज्यसभा चुनावों ने सिर्फ राजनीतिक समीकरण नहीं बदले,…

5 Min Read

विचार

View More
भारत–पाकिस्तान क्रिकेट राइवलरी

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ : भारत–पाकिस्तान…

February 16, 2026

भाग-3 : सत्याग्रह का दार्शनिक आधार: टॉल्स्टॉय, गीता और जैन अहिंसा

वैश्विक गांधी: Mandela, King, Einstein ...गांधी…

February 5, 2026

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष : दक्षिण अफ़्रीका-अपमान, प्रतिरोध और सत्याग्रह का जन्म

1893 में जब महात्मा गांधी दक्षिण…

January 30, 2026

भाग–1 : दक्षिण अफ़्रीका से आधुनिक भारत तक… गांधी, नैतिक राजनीति और आज की प्रासंगिकता

गांधी — इतिहास नहीं, एक नैतिक…

January 28, 2026

मनोरंजन से वैचारिक हथियार तक… भारतीय सिनेमा में प्रोपेगेंडा का बदलता चेहरा

लोकतंत्र में सिनेमा कभी केवल मनोरंजन…

January 9, 2026

You Might Also Like

बदल रही कोल्ड ड्रिंक की दुनिया, नई पसंद बन रही फंक्शनल ड्रिंक्स
Trending Newsलाइफस्टाइल

Low Sugar, High Benefit! क्यों बदल रही है लोगों की ड्रिंकिंग हैबिट क्या वाकई हेल्दी हैं ये नए ड्रिंक्स? एक्सपर्ट्स ने बताई पूरी सच्चाई

गर्मियों में ठंडा पीना लगभग हर किसी को पसंद होता है, लेकिन अब लोग सिर्फ स्वाद नहीं बल्कि सेहत को…

3 Min Read
जहां पाइप्ड गैस उपलब्ध, वहां LPG छोड़ना होगा जरूरी
Trending Newsबाजार

PNG कनेक्शन नहीं लिया तो बंद हो सकती है LPG सप्लाई! जानिए नए नियम की पूरी डिटेल

देश में गैस नेटवर्क को तेजी से बढ़ाने और घरेलू ईंधन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए केंद्र सरकार…

3 Min Read
ट्रांसजेंडर बिल 2026 पर बवाल!
Trending Newsसियासी

ट्रांसजेंडर बिल 2026 पर बवाल! सुप्रीम कोर्ट कमेटी ने कहा– ‘तुरंत वापस लो’ , LGBTQ+ कम्युनिटी ने नए कानून को बताया अधिकारों के खिलाफ

ट्रांसजेंडर अधिकारों को लेकर देश में एक बड़ी बहस छिड़ गई है। सुप्रीम कोर्ट की बनाई एक कमेटी ने केंद्र…

2 Min Read
कुंभ गर्ल मोनालिसा का बड़ा आरोप!
EntertainmentTrending News

कुंभ गर्ल मोनालिसा का बड़ा आरोप! डायरेक्टर को बताया ‘गंदा इंसान’, इंडस्ट्री में हड़कंप! सनोज मिश्रा पर लगाए चौंकाने वाले आरोप

प्रयागराज महाकुंभ 2025 से रातों-रात चर्चा में आईं मोनालिसा जिसे सोशल मीडिया पर 'कुंभ गर्ल' के नाम से जाना जाता…

2 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?