ईरान अब पहले से ज्यादा आक्रामक तरीके से पलटवार करता हुआ नजर आ रहा है। इजरायल और अमेरिका लगातार उस पर बमबारी कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद ईरान के जवाबी हमले काफी घातक साबित होते दिख रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump इस जंग में पूरी तरह फंस चुके हैं और किसी भी तरह इससे बाहर निकलने का रास्ता तलाश रहे हैं। उनका ताजा बयान भी इसी ओर इशारा करता नजर आता है।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बयान पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध जल्द खत्म हो सकता है, लेकिन ईरान ने साफ कर दिया कि जंग कब खत्म होगी इसका फैसला अमेरिका नहीं बल्कि तेहरान करेगा।
रात 3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या बोले ट्रंप
ट्रंप ने फ्लोरिडा स्थित अपने डोरल नेशनल गोल्फ क्लब में भारतीय समयानुसार रात करीब 3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि युद्ध “बहुत जल्द” खत्म हो सकता है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि अगर संघर्ष दोबारा भड़कता है तो ईरान पर पहले से ज्यादा ताकतवर हमले किए जाएंगे। ट्रंप के मुताबिक अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई से अपने प्रमुख सैन्य लक्ष्य हासिल कर लिए गए हैं, हालांकि उन्होंने युद्ध समाप्त होने की कोई स्पष्ट समय-सीमा नहीं बताई।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि यदि अमेरिका ने पहले कार्रवाई नहीं की होती तो ईरान एक सप्ताह के भीतर अमेरिका पर हमला कर सकता था। उनके अनुसार ईरान बड़ी संख्या में मिसाइलों के साथ अमेरिका, इजरायल और पूरे मध्य-पूर्व पर बड़े हमले की तैयारी में था।
ईरान का जवाब – युद्ध का अंत हम तय करेंगे
ट्रंप के बयान के बाद ईरान की सेना की प्रमुख इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने कड़ा बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि युद्ध कब खत्म होगा इसका फैसला ईरान की सैन्य ताकतें करेंगी, अमेरिका नहीं।
ईरान ने हाल ही में नए सुप्रीम लीडर के रूप में Mojtaba Khamenei को चुना है, जो पूर्व सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के बेटे हैं।
इजरायल के हमले और ईरान की जवाबी कार्रवाई
इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब 11वें दिन में पहुंच चुका है। इजरायली सेना ने ईरान के मध्य क्षेत्रों में IRGC के कमांड सेंटर, मिसाइल ठिकानों और सैन्य ढांचे को निशाना बनाते हुए कई हमले किए।
इसके अलावा लेबनान की राजधानी Beirut में भी इजरायल ने हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर कार्रवाई तेज की है। जवाब में ईरान लगातार इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है।
खाड़ी देशों तक बढ़ा तनाव
संघर्ष का असर अब खाड़ी देशों तक दिखाई देने लगा है। Bahrain में अमेरिकी नौसेना के सलमान पोर्ट पर ड्रोन हमला हुआ, जिसमें कई लोग घायल हो गए। वहीं Kuwait और United Arab Emirates में भी मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई हैं।
Saudi Arabia में एक अमेरिकी सैनिक की मौत के बाद अब तक कुल 8 अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है।
ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि अमेरिका ईरान में जमीनी सेना नहीं भेजेगा और “बिना शर्त आत्मसमर्पण” ही इस संघर्ष को खत्म करने का रास्ता है। हालांकि ईरान फिलहाल किसी भी तरह झुकने को तैयार नहीं दिख रहा।
इस बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार में भी उथल-पुथल है और कच्चे तेल की कीमतें 2022 के बाद अपने उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गई हैं।