अगर आप अपनी सेहत को लेकर सचेत हैं, तो ये खबर आपको जरूर पढ़नी चाहिए। एक नई रिसर्च में सामने आया है कि भूमध्यसागरीय आहार (Mediterranean Diet) को सही तरीके से अपनाने वाले लोगों में बड़े होने के बाद अस्थमा (adult-onset asthma) होने का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है। यह निष्कर्ष स्पेन के बड़े अध्ययन SUN प्रोजेक्ट से सामने आया है, जिसे हाल ही में जर्नल Respirology (15 फरवरी 2026) में प्रकाशित किया गया।
इस स्टडी में 17,127 वयस्कों को लगभग 12.8 साल तक फॉलो किया गया। इस दौरान 302 लोगों (करीब 1.76%) में नया अस्थमा पाया गया। जब शोधकर्ताओं ने Mediterranean Diet Score (MDS) के आधार पर खाने की आदतों का विश्लेषण किया, तो चौंकाने वाले नतीजे सामने आए।
42% तक कम हुआ अस्थमा का खतरा
जिन लोगों का MDS स्कोर 7 या उससे ज्यादा था, यानी जो लोग इस डाइट को सही तरीके से फॉलो कर रहे थे, उनमें अस्थमा का खतरा उन लोगों की तुलना में 42% कम पाया गया, जिनका स्कोर 2 या उससे कम था। इतना ही नहीं, हर एक अतिरिक्त MDS अंक बढ़ने पर अस्थमा का जोखिम करीब 10% तक घटता गया। 35 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों में इसका असर और भी ज्यादा मजबूत देखा गया।
आखिर इस डाइट में ऐसा क्या खास है?
भूमध्यसागरीय आहार में मुख्य रूप से फल, सब्जियां, साबुत अनाज, जैतून का तेल, मछली, नट्स और बहुत कम लाल मांस शामिल होता है। ये सभी चीजें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होती हैं, यानी शरीर में सूजन को कम करने में मदद करती हैं। रिसर्चर्स का मानना है कि सूजन कम होने और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस घटने से फेफड़ों की सेहत बेहतर रहती है, जिससे अस्थमा का खतरा कम हो सकता है।
वयस्कों पर पहली बड़ी स्टडी
अब तक ज्यादातर शोध बच्चों में अस्थमा और खानपान के संबंध पर केंद्रित थे। लेकिन यह पहली बड़ी प्रोस्पेक्टिव स्टडी है, जिसने भूमध्यसागरीय वयस्क आबादी में इस डाइट के सुरक्षात्मक प्रभाव को साफ तौर पर दिखाया है। अध्ययन के प्रमुख लेखक जे.ई. विआडर और उनकी टीम का कहना है कि यह मजबूत संकेत देता है कि सही खानपान से वयस्कों में भी अस्थमा की रोकथाम संभव है।
कुल मिलाकर, अगर आप अपनी थाली में ज्यादा फल, सब्जियां, नट्स और मछली शामिल करते हैं और लाल मांस कम करते हैं, तो न सिर्फ दिल बल्कि फेफड़ों की सेहत भी बेहतर हो सकती है। बढ़ते अस्थमा मामलों के बीच यह खोज सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है।