अमेरिका से आई यह खबर हर भारतीय को चिंता में डाल रही है। 22 साल के भारतीय छात्र Saketh Sreenivasaiah पिछले कई दिनों से लापता हैं। कर्नाटक के रहने वाले साकेथ ने 2025 में Indian Institute of Technology Madras से केमिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक किया था और इसके बाद मास्टर्स के लिए अमेरिका चले गए थे। वह इस समय University of California, Berkeley में केमिकल एंड बायोमॉलिक्यूलर इंजीनियरिंग (MS PDP ’26) की पढ़ाई कर रहे थे।
साकेथ 9 फरवरी 2026 से गायब हैं और अब तलाश पांचवें दिन में पहुंच चुकी है। उन्हें आखिरी बार बर्कले हिल्स में Lake Anza के पास या कैंपस से करीब 1 किलोमीटर दूर ड्वाइट वे इलाके में देखा गया था। बाद में उनका बैग, जिसमें पासपोर्ट और लैपटॉप थे, Tilden Regional Park से सटे पार्क हिल्स इलाके में एक घर के बाहर मिला। राहत की बात यह है कि पुलिस को किसी तरह की झड़प या जबरदस्ती के संकेत नहीं मिले हैं।
तलाश जारी
Berkeley Police Department ने उन्हें “एट-रिस्क मिसिंग पर्सन” घोषित किया है। पुलिस, ईस्ट बे रीजनल पार्क की टीमें, ड्रोन और स्थानीय वॉलंटियर्स मिलकर लेक एंजा और आसपास के ट्रेल्स में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। खबर यह भी है कि साकेथ लापता होने से पहले किसी रिलेशनशिप को लेकर परेशान थे। हालांकि अभी तक किसी आपराधिक साजिश के सबूत सामने नहीं आए हैं।
सैन फ्रांसिस्को स्थित Consulate General of India, San Francisco भी परिवार और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है। उनके रूममेट ने लिंक्डइन पर पोस्ट कर लोगों से मदद मांगी है।
आखिर क्या हो सकते हैं कारण?
अब तक जो जानकारी सामने आई है और अमेरिका के मिसिंग पर्सन डेटा को देखते हुए सिर्फ परिस्थितिजन्य अनुमान लगाए जा रहे हैं, कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं है। शुरुआती आकलन के मुताबिक करीब 45% संभावना मानसिक तनाव, रिश्तों की परेशानी या किसी दुर्भाग्यपूर्ण कदम की मानी जा रही है, क्योंकि इस उम्र के युवाओं में ऐसा दबाव आम देखा जाता है, खासकर झील और ट्रेल वाले इलाकों में हादसे भी होते रहे हैं। लगभग 25% संभावना सामान्य दुर्घटना—जैसे फिसलकर गिरना या पानी में गिर जाना—की मानी जा रही है। करीब 20% संभावना यह भी है कि वे कुछ समय के लिए खुद ही कहीं चले गए हों, हालांकि पासपोर्ट और लैपटॉप पीछे छूटना इस थ्योरी को कमजोर करता है। फिलहाल अपराध या बाहरी हस्तक्षेप की संभावना करीब 10% आंकी जा रही है, क्योंकि अब तक जबरन ले जाने या संघर्ष के संकेत नहीं मिले हैं।
अमेरिका में ज्यादातर मिसिंग पर्सन केस में लोग जिंदा मिल जाते हैं, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है चिंता बढ़ती जाती है। विदेश में पढ़ रहे छात्रों पर पढ़ाई, करियर और वीज़ा का दबाव भी असर डाल सकता है। फिलहाल पूरा भारतीय समुदाय साकेथ की सुरक्षित वापसी की दुआ कर रहा है और पुलिस ने अपील की है कि अगर किसी के पास कोई भी जानकारी हो तो तुरंत अधिकारियों से संपर्क करें।