अगर आप नीले समंदर और सफेद रेत वाले सेशेल्स(Seychelles) के द्वीपों पर अपनी अगली छुट्टियों की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। दुनिया भर के पर्यटकों के इस पसंदीदा ठिकाने पर इन दिनों चिकनगुनिया वायरस का कहर टूटा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी CDC (Centers for Disease Control and Prevention) ने यात्रियों के लिए ‘लेवल2’ का हेल्थ अलर्ट जारी कर दिया है।
क्या है ‘लेवल2’ अलर्ट
CDC का ‘लेवल 2’ अलर्ट का सीधा मतलब है “सावधानी बढ़ा दें”। हालांकि सेशेल्स के लिए कोई ‘ट्रैवल बैन’ नहीं लगाया गया है, लेकिन पर्यटकों को साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि वहां इन्फेक्शन का खतरा काफी ज्यादा है। सेशेल्स के साथ-साथ श्रीलंका, बोलीविया और सूरीनाम जैसे देशों में भी इस समय चिकनगुनिया के बढ़ते मामलों के कारण इसी तरह के अलर्ट एक्टिव हैं।
आखिर सेशेल्स में अचानक क्यों बढ़ा खतरा ?
सेशेल्स में इस समय भारी बारिश का मौसम चल रहा है, जो मच्छरों के रिप्रोडक्शन के लिए ‘हॉटस्पॉट’ बन गया है। जनवरी 2026 की शुरुआत से ही स्थानीय निवासियों और वहां से लौट रहे विदेशी पर्यटकों में चिकनगुनिया के लक्षणों की पुष्टि हुई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि क्लाइमेट चेंज और ह्यूमिडिटी की वजह से इन्फेक्टेड मच्छरों की तादाद अचानक बहुत बढ़ गई है।
लक्षण जिन्हें पहचानना है जरूरी !
चिकनगुनिया फैलाने वाले मच्छर (Aedes aegypti और Aedes albopictus) के काटने के 3 से 7 दिन के भीतर अंदर में ये बदलाव दिख सकते हैं:
- हड्डियों वाला दर्द: इसका सबसे बड़ा लक्षण है जोड़ों का ऐसा असहनीय दर्द, जो आपकी चाल बिगाड़ सकता है। यह इतना सीरियस हो सकता है कि महीनों तक पीछा नहीं छोड़ता।
- तेज़ बुखार और रैशेज: अचानक तेज़ बुखार आना और शरीर पर लाल दाने (Rashes) निकल आना।
- मसल्स और सिरदर्द: भयंकर सिरदर्द के साथ पूरी बॉडी की मसल्स में भारीपन और थकान महसूस होना।
किसे है सबसे ज्यादा खतरा?
CDC ने खास तौर पर 65 साल से बड़े बुजुर्गों, प्रेग्नेंट महिलाओं और उन लोगों को अलर्ट किया है जिन्हें डायबिटीज या हार्ट की प्रॉब्लम है। इनके लिए यह इन्फेक्शन (Infection) काफी मुश्किल पैदा कर सकता है।
एक्सपर्ट्स की राय
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि चिकनगुनिया जानलेवा तो कम है, लेकिन इसका ‘क्रोनिक जॉइंटपेन’ (लंबे समय तक रहने वाला जोड़ों का दर्द) आपकी पूरी लाइफस्टाइल और रूटीन को हफ्तों के लिए डिस्टर्ब कर सकता है। इसलिए, सावधानी ही असली बचावहै!