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Indian Press House > Blog > Trending News > अलविदा शिव कुमार …पिच के पीछे की ताकत चली गई
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अलविदा शिव कुमार …पिच के पीछे की ताकत चली गई

SYED MOHAMMAD ABBAS
Last updated: February 3, 2026 10:12 pm
SYED MOHAMMAD ABBAS
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कानपुर। भारतीय क्रिकेट को अक्सर खिलाड़ियों, रिकॉर्ड और ट्रॉफियों से आंका जाता है, लेकिन इस खेल की असली बुनियाद पिच और मैदान-जिन हाथों से तैयार होते हैं, उनका योगदान अक्सर पर्दे के पीछे रह जाता है। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के वरिष्ठ क्यूरेटर शिव कुमार के आकस्मिक निधन ने इसी अदृश्य लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी को तोड़ दिया है।

दिल का दौरा पड़ने से हुए उनके असमय निधन से न सिर्फ उत्तर प्रदेश, बल्कि भारतीय क्रिकेट के क्यूरेशन और ग्राउंड मैनेजमेंट क्षेत्र में गहरा शून्य पैदा हो गया है। दशकों तक शिव कुमार ने ऐसे विकेट तैयार किए, जिन पर क्रिकेट के हर फॉर्मेट को न्याय मिला—चाहे वह तेज़ गेंदबाज़ों की मदद हो या बल्लेबाज़ों के लिए संतुलित उछाल।

शिव कुमार उन गिने-चुने विशेषज्ञों में शामिल थे, जिन्हें बीसीसीआई का कंसल्टेंट क्यूरेटर बनने का अवसर मिला। पिच क्यूरेशन, मिट्टी परीक्षण, ड्रेनेज सिस्टम और विकेट प्रबंधन जैसे तकनीकी पहलुओं पर उनका अनुभव भारतीय क्रिकेट संरचना का अहम हिस्सा रहा। कई बड़े मुकाबलों की सफलता के पीछे उनकी तैयारी और सूक्ष्म योजना रही, जिसका श्रेय अक्सर सामने नहीं आ पाया।

उनकी विशेषज्ञता भारत तक सीमित नहीं रही। हाल ही में सिंगापुर क्रिकेट एसोसिएशन के लिए किए गए उनके कार्य ने यह साबित किया कि भारतीय क्यूरेशन स्किल्स वैश्विक स्तर पर भी सम्मानित हैं। विदेशी धरती पर तैयार की गई उनकी पिचों को खिलाड़ियों और आयोजकों से समान रूप से सराहना मिली।

शिव कुमार सिर्फ एक क्यूरेटर नहीं थे, बल्कि एक गुरु भी थे। उन्होंने युवा क्यूरेटरों और ग्राउंड स्टाफ को प्रशिक्षित कर ऐसी विरासत छोड़ी, जो आने वाले वर्षों तक भारतीय क्रिकेट की नींव को मजबूत करती रहेगी।

बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने उन्हें याद करते हुए कहा कि क्यूरेशन के क्षेत्र में उनका योगदान लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

भारतीय क्रिकेट ने आज एक ऐसा साइलेंट आर्किटेक्ट खो दिया है, जिसके बिना खेल की भव्यता अधूरी है।

बीसीसीआई की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद शिवकुमार वर्तमान में सीनियर पिच क्यूरेटर के साथ-साथ सेंट्रल जोन प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। यूपीसीए के पूर्व सचिव और वर्तमान में बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने उन पर भरोसा जताते हुए ग्रीनपार्क सहित देश के कई प्रमुख स्टेडियमों में विकेट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी थी, जिसे शिवकुमार ने पूरी निष्ठा और दक्षता के साथ निभाया।

2005 से 500वें टेस्ट तक: ग्रीनपार्क की हर ऐतिहासिक पिच के पीछे शिवकुमार

खेल विभाग में कार्यरत रहते हुए अन्य स्थानों पर जाकर काम करने में नियम बाधा बन रहे थे, ऐसे में शिवकुमार ने वीआरएस लेकर यूपीसीए में सीनियर पिच क्यूरेटर के पद पर योगदान दिया। इसके बाद उन्होंने देश के लगभग सभी शीर्ष स्टेडियमों में विकेट तैयार किए, साथ ही बांग्लादेश और इंडोनेशिया जैसे देशों में भी पिच क्यूरेशन का कार्य कर अपनी विशेषज्ञता का लोहा मनवाया।

ग्रीनपार्क स्टेडियम में लाल मिट्टी की पिच तैयार करने का सपना वे पिछले कई वर्षों से संजोए हुए थे। इसके लिए हाल ही में वे महाराष्ट्र से विशेष मिट्टी मंगवाने में सफल भी हुए, लेकिन दुर्भाग्यवश उस सपने को साकार करने से पहले ही उनका निधन हो गया और यह इच्छा अधूरी रह गई।

वर्ष 2005 से लेकर अब तक ग्रीनपार्क में खेले गए सभी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की विकेट शिवकुमार ने ही तैयार की थी। बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर लगने वाले आरोपों को उन्होंने संतुलित और निष्पक्ष विकेट बनाकर दूर किया, जिससे गेंदबाजों का आत्मविश्वास भी बढ़ा। भारतीय क्रिकेट इतिहास का 500वां टेस्ट मैच, आईपीएल सहित कई अहम मुकाबलों में उनकी तैयार की गई पिचें यादगार रहीं।

मैच के नतीजे चाहे जो भी रहे हों, दोनों टीमों के कप्तान, कोच और खिलाड़ी शिवकुमार की कारीगरी की खुले दिल से सराहना करते थे। राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों ने मैचों के बाद उन्हें सम्मानित कर उनके योगदान को यादगार बनाया।

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TAGGED: क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर, क्रिकेट क्यूरेशन, क्रिकेट मैदान प्रबंधन, खेल जगत शोक, घरेलू क्रिकेट, पिच क्यूरेटर, बीसीसीआई कंसल्टेंट, भारतीय क्रिकेट, यूपीसीए, यूपीसीए क्यूरेटर, राजीव शुक्ला बयान, शिव कुमार निधन
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