Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: लखनऊ प्रीमियर लीग की नीलामी पर सवालों का तूफ़ान…क्या लोकल क्रिकेटर्स के सपनों की हुई अनदेखी?
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > लखनऊ प्रीमियर लीग की नीलामी पर सवालों का तूफ़ान…क्या लोकल क्रिकेटर्स के सपनों की हुई अनदेखी?
Trending Newsखेल

लखनऊ प्रीमियर लीग की नीलामी पर सवालों का तूफ़ान…क्या लोकल क्रिकेटर्स के सपनों की हुई अनदेखी?

SYED MOHAMMAD ABBAS
Last updated: February 1, 2026 4:58 pm
SYED MOHAMMAD ABBAS
Share
SHARE

लखनऊ। लखनऊ को क्रिकेट का शहर कहा जाता है-यहां सपने पलते हैं, खिलाड़ी गढ़े जाते हैं। लेकिन शनिवार को आयोजित लखनऊ प्रीमियर लीग (LPL) की नीलामी के बाद यही सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या ये लीग वाकई लखनऊ के खिलाड़ियों के लिए है?

ढोल-नगाड़ों और चमक-दमक के बीच हुई नीलामी के पीछे ऐसे कई सवाल सामने आए हैं, जिन्होंने शहर के क्रिकेट प्रेमियों की नींद उड़ा दी है।

Contents
लखनऊ। लखनऊ को क्रिकेट का शहर कहा जाता है-यहां सपने पलते हैं, खिलाड़ी गढ़े जाते हैं। लेकिन शनिवार को आयोजित लखनऊ प्रीमियर लीग (LPL) की नीलामी के बाद यही सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या ये लीग वाकई लखनऊ के खिलाड़ियों के लिए है?नीलामी में छाए बाहरी खिलाड़ी, लोकल टैलेंट हाशिये पर?

नीलामी में छाए बाहरी खिलाड़ी, लोकल टैलेंट हाशिये पर?

क्या लखनऊ प्रीमियर लीग लखनऊ के खिलाड़ियों के लिए ही नहीं है? फिर नीलामी में बाहरी खिलाड़ी क्यों छाए रहे? सी-डिवीजन के खिलाड़ी क्या सिर्फ़ नाम के लिए थे, जिन पर बोली तक नहीं लगी? पंजीकरण के नाम पर लिए गए 1000 रुपये क्या सिर्फ़ फीस थे, मौका नहीं? और सबसे बड़ा सवाल-मार्की प्लेयर आखिर किस आधार पर बनाए गए? ये ऐसे सवाल हैं, जिनका शायद क्रिकेट एसोसिएशन लखनऊ के पास भी ठोस जवाब नहीं है।

सोशल मीडिया पर विरोध, क्लबों और कोचों ने उठाई आवाज़

इतना ही नहीं, लखनऊ प्रीमियर लीग की नीलामी को लेकर सोशल मीडिया पर भी ज़बरदस्त बहस छिड़ी हुई है। क्रिकेट प्रेमी, खिलाड़ी और कोच खुलकर सवाल उठा रहे हैं और नीलामी प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर कई स्थानीय क्लबों और क्रिकेट अकादमियों का आरोप है कि लोकल टैलेंट को जानबूझकर नज़रअंदाज़ किया गया, जबकि बाहरी खिलाड़ियों को तरजीह दी गई।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या क्रिकेट एसोसिएशन लखनऊ ने इन आपत्तियों पर कोई संज्ञान लिया, या फिर खिलाड़ियों की आवाज़ एक बार फिर अनसुनी कर दी गई?

यूपी की राजधानी लखनऊ के लिए शनिवार का दिन काफ़ी अहम था। दरअसल, आईपीएल की तर्ज़ पर अब लखनऊ में भी लोकल लेवल पर लखनऊ प्रीमियर लीग के आयोजन की तैयारी है। इसी को लेकर लखनऊ में नीलामी आयोजित की गई। नीलामी में 6 टीमों ने 140 खिलाड़ी खरीदे। कुल 450 खिलाड़ियों की नीलामी में अधिकतम 1.25 लाख रुपये तक की बोली लगी। पैंथर्स-एसेज टीम ने 7.5 लाख रुपये खर्च किए, लेकिन इसके बावजूद नीलामी को लेकर कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, अभी तक इस पर खुलकर कोई बोलने को तैयार नहीं है।

‘ये लखनऊ प्रीमियर लीग नहीं, बाहरी क्रिकेट लीग है’- हैदर रज़ा

दूसरी ओर, लखनऊ क्रिकेट डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष हैदर रज़ा ने यहां तक कह दिया कि “इसे लखनऊ प्रीमियर लीग मत कहिए जनाब, यह तो बाहरी क्रिकेट लीग है।” उन्होंने पूरी नीलामी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

हैदर रज़ा ने कहा कि लखनऊ प्रीमियर लीग की नीलामी में शहर के अधिकांश खिलाड़ियों को शामिल नहीं किया गया, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों के साथ सीधा अन्याय हुआ है। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में आयोजित लीगों में बाहरी खिलाड़ियों को मौका नहीं दिया जाता, जबकि लखनऊ में बाहरी शहरों के खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी गई, जो शहर के क्रिकेट टैलेंट के साथ धोखा है।

उन्होंने आगे कहा कि यह तर्क दिया जा रहा है कि जो बाहर के खिलाड़ी लखनऊ के किसी क्लब से पंजीकृत हैं, उन्हें ही खिलाया जा रहा है। बाहर के खिलाड़ियों को अपने शहर की लीग में फ्रेंचाइज़ी के ज़रिये पैसा देकर खिलाने का कोई औचित्य नहीं है। यही खिलाड़ी लखनऊ की ओर से बाहर की प्रतियोगिताओं में भी भाग नहीं लेते, बल्कि अपने-अपने जिलों का ही प्रतिनिधित्व करते हैं। हमारी मांग है कि शहर के वे युवा खिलाड़ी, जिन्हें नीलामी में सी-ग्रेड श्रेणी में रखा गया था, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर लीग में खेलने का मौका दिया जाए।

इस पूरे प्रकरण पर क्रिकेट एसोसिएशन लखनऊ का भी बयान सामने आया है। क्रिकेट एसोसिएशन लखनऊ के सचिव के.एम. खान ने इंडिया प्रेस हाउस से बातचीत में कहा कि लगाए जा रहे आरोप गलत हैं। उन्होंने बताया कि समय की कमी के कारण सी-डिवीजन के खिलाड़ियों को लेकर फ्रेंचाइज़ियों से बातचीत की गई थी और उनसे कहा गया था कि वे अपनी पसंद के खिलाड़ी चुन लें। यदि कोई खिलाड़ी कॉमन होता, तो उसे नीलामी में शामिल किया जाता।

वहीं बाहरी खिलाड़ियों को लेकर के.एम. खान ने कहा कि कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो बाहर के होने के बावजूद लखनऊ में खेलते हैं और उसी आधार पर उनका चयन किया गया है।

हालांकि, उनके इस बयान के बावजूद क्रिकेट एसोसिएशन लखनऊ के कामकाज को लेकर कई क्रिकेट अकादमियों और क्लबों ने खुलकर विरोध शुरू कर दिया है। हालांकि क्रिकेट एसोसिएशन की सफ़ाई के बावजूद,
लखनऊ की कई क्रिकेट अकादमियों और क्लबों ने एसोसिएशन के कामकाज के ख़िलाफ़ खुलकर मोर्चा खोल दिया है।

अब देखना यह होगा कि क्या लखनऊ प्रीमियर लीग सच में लखनऊ के खिलाड़ियों की लीग बन पाएगी, या ये सवाल यूं ही गूंजते रहेंगे?

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: C Division Players, Cricket Association Lucknow, Cricket Auction Debate, Haider Raza Statement, KM Khan Statement, Local Players Ignored, Local Talent Ignored, LPL Auction Controversy, LPL Auction News, Lucknow Cricket Development Society, Lucknow Cricket News, Lucknow Cricket Protest, Lucknow Premier League, Lucknow Sports News, Markey Player Controversy, Outside Players Controversy, UP Cricket News
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article बजट 2026 के बाद सोना चांदी में गिरावट करेक्शन या ट्रेंड रिवर्सल? बजट 2026 के बाद सोना-चांदी धड़ाम, MCX पर गोल्ड 3% और सिल्वर 9% टूटी
Next Article रोहित शेट्टी के घर के बाहर अंधाधुंध फायरिंग, बॉलीवुड फिर निशाने पर, रोहित शेट्टी के घर फायरिंग से इंडस्ट्री में सनसनी! लॉरेन्स बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी

फीचर

View More

अक्टूबर में लॉन्ग वीकेंड का बना रहे हैं प्लान? दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु से 5 घंटे में पहुंचें इन शानदार जगहों पर

नई दिल्ली: अक्टूबर का महीना घूमने-फिरने के शौकीनों के लिए खास रहने वाला है। इस महीने कई लंबी छुट्टियां पड़…

By vineet verma 5 Min Read

क्या दुनिया में सचमुच ऐसी जगहें हैं जहाँ तलाक लेना असंभव है? जानिए फिलीपींस और वैटिकन सिटी का सच

जब भी दुनिया भर के कानूनों और पारिवारिक व्यवस्थाओं की बात होती…

4 Min Read

यूपी 2027: 86 आरक्षित सीटों पर क्यों टिकी सबकी नजर? 2024 के नतीजों ने बदला दलित वोट का सियासी गणित

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में दलित वोट फिर केंद्र में है।…

7 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

Trending Newsअन्य

बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर बड़ा बदलाव? 18 साल से कम उम्र वालों के अकाउंट पर लग सकती है रोक

नई दिल्ली: बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार सोशल मीडिया के नियमों में बड़ा बदलाव करने पर विचार…

5 Min Read
Trending Newsमध्य प्रदेशराज्य

दमोह में कुत्ते-बिल्लियों को लेकर क्यों बढ़ी चिंता? रेबीज से बचाव के लिए वैक्सीनेशन और जागरूकता अभियान तेज

दमोह: पालतू कुत्तों और बिल्लियों में रेबीज के खतरे को देखते हुए जिले में सतर्कता बढ़ाई जा रही है। पशुपालन…

4 Min Read
Trending Newsवर्ल्ड

यूरेनियम लेकर बांग्लादेश जा रहा विमान PAK एयरस्पेस में क्यों अटका? रूपपुर प्लांट की सप्लाई पर पड़ा असर

ढाका: बांग्लादेश के रूपपुर न्यूक्लियर पावर प्लांट के लिए यूरेनियम की खेप तय समय पर देश नहीं पहुंच सकी। रिपोर्ट…

4 Min Read
Trending Newsअन्य

दिवाली-छठ पर टिकट के लिए नहीं करनी होगी जद्दोजहद? रेलवे चलाएगा 102 स्पेशल ट्रेनें, जानें किन रूटों पर मिलेगी राहत

नई दिल्ली: दिवाली, दशहरा और छठ के दौरान घर जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने भीड़ संभालने की बड़ी…

4 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?