सोशल मीडिया की दुनिया में लाखों-करोड़ों लोगों की पसंद बनी इन्फ्लुएंसर नीतू बिष्ट और उनके पति लखन रावत इन दिनों एक गंभीर और डरावने अनुभव को लेकर सुर्खियों में हैं। दिल्ली-नोएडा एक्सप्रेसवे पर उनके साथ हुई छेड़छाड़ और पीछा करने की घटना ने न सिर्फ उनके फॉलोअर्स को हैरान किया है, बल्कि हाई-टेक कहे जाने वाले नोएडा में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
नीतू बिष्ट सोशल मीडिया का जाना-पहचाना नाम हैं। इंस्टाग्राम पर उनके 5.1 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, जहां वो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल से जुड़ा कंटेंट शेयर करती हैं। वहीं यूट्यूब पर उनके चैनल को 38.7 मिलियन से अधिक लोग फॉलो करते हैं। उनके पति लखन रावत भी ‘लखनीत व्लॉग्स’ के जरिए यूट्यूब पर 11.6 मिलियन सब्सक्राइबर्स से जुड़े हुए हैं और इंस्टाग्राम पर भी उनके 2.2 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। इतनी बड़ी पहचान और सार्वजनिक प्रभाव के बावजूद, उनके साथ हुई यह घटना चर्चा का विषय बन गई है।
बताया जा रहा है कि यह घटना करीब चार दिन पहले की है। नीतू बिष्ट दिल्ली से ग्रेटर नोएडा स्थित अपने घर लौट रही थीं। आरोप है कि डीएनडी फ्लाईओवर से ही एक होंडा सिटी कार में सवार कुछ युवकों ने उनकी बीएमडब्ल्यू कार का पीछा करना शुरू कर दिया। यह पीछा करीब 27 किलोमीटर तक चला। आरोपियों ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर उनकी कार को दो बार टक्कर मारने की भी कोशिश की और लगातार अभद्र इशारे करते रहे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें नीतू को डरी हुई आवाज़ में मदद मांगते हुए सुना जा सकता है।

इस पूरे मामले पर लखन रावत ने पुलिस पेट्रोलिंग पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि डीएनडी से परी चौक तक के लंबे रास्ते में कहीं भी पुलिस की मौजूदगी नजर नहीं आई। उनका कहना था कि जब इतनी पहचान रखने वाली महिला के साथ ऐसी घटना हो सकती है, तो आम महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है।
हालांकि, सूचना मिलने के बाद नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने कार्रवाई की। लखन रावत के मुताबिक, आरोपियों को पकड़ लिया गया था, लेकिन उन्होंने खुद पुलिस से अनुरोध किया कि युवकों को छोड़ा जाए क्योंकि वे छात्र बताए जा रहे थे। लिखित माफी के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया।
मामला भले ही सुलझ गया हो, लेकिन सोशल मीडिया पर बहस जारी है। कई यूज़र्स सवाल उठा रहे हैं कि क्या केवल माफी मांगना ऐसे मामलों में पर्याप्त है, या फिर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।