बीते कुछ दिनों से कांग्रेस और शशि थरूर के रिश्तों को लेकर राजनीतिक गलियारों में लगातार चर्चाएं चल रही हैं।दरअसल, कई मौकों पर कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में शुमार पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर के बयान पार्टी लाइन से अलग नजर आए हैं।
उनके कुछ बयानों को लेकर यह धारणा बनी कि वे कांग्रेस के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामकाज की सराहना करते दिखते हैं, वहीं भारतीय जनता पार्टी भी थरूर को लेकर अक्सर सकारात्मक रुख अपनाती रही है।
इतना ही नहीं, शशि थरूर का कांग्रेस की कई अहम बैठकों से दूर रहना भी इन अटकलों को हवा देता रहा। इसी बीच अब सोशल मीडिया पर सामने आई एक तस्वीर ने पूरे घटनाक्रम की तस्वीर ही बदल दी है।
सवाल उठ रहा है कि आखिर वह कौन-सी तस्वीर है, जिसने यह संकेत दे दिया कि कांग्रेस में अब सब कुछ ठीक है और शशि थरूर पार्टी छोड़कर कहीं नहीं जा रहे हैं। दरअसल, नाराज़गी की खबरों के बीच गुरुवार को शशि थरूर ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है।
वायरल तस्वीर से साफ संकेत मिल रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व और शशि थरूर के बीच सब कुछ सामान्य है और पार्टी के भीतर चल रही अटकलों पर विराम लगता दिख रहा है। तस्वीर ने यह संदेश भी दिया है कि शशि थरूर कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़े हैं।
वायरल तस्वीर के बाद थरूर ने कहा, “मेरी पार्टी के 2 नेताओं, नेता प्रतिपक्ष (राहुल गांधी) और कांग्रेस अध्यक्ष (खरगे) के साथ हमारी बातचीत हुई। हमारी बहुत अच्छी, रचनात्मक, सकारात्मक बातचीत हुई। अब सब ठीक है और हम सब एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं. मैं और क्या कह सकता हूं? मैंने हमेशा पार्टी के लिए प्रचार किया है, मैंने कहां प्रचार नहीं किया है?”अगले कुछ महीनों में केरल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर प्रचार की भूमिका के सवाल पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि वे पहले भी पार्टी के लिए प्रचार करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।
मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को लेकर चल रही अटकलों पर थरूर ने स्पष्ट रूप से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा उनके लिए कभी रहा ही नहीं। केरल के मुख्यमंत्री पद को लेकर किसी तरह की बातचीत होने के सवाल पर थरूर ने कहा,
“नहीं, इस बारे में कभी कोई चर्चा नहीं हुई। मुझे किसी भी पद के लिए उम्मीदवार बनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। मैं पहले से सांसद हूं और तिरुवनंतपुरम के मेरे मतदाताओं ने मुझ पर भरोसा जताया है। संसद में उनके हितों का प्रतिनिधित्व करना ही मेरी प्राथमिक जिम्मेदारी है।”
उन्होंने दोहराया कि वे मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं हैं और सांसद के रूप में अपनी भूमिका पर ही केंद्रित हैं।
कुल मिलाकर, बीते कुछ दिनों से चली आ रही अटकलों पर शशि थरूर ने खुद सामने आकर विराम लगा दिया है और यह स्पष्ट कर दिया है कि वे कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़े हैं।