भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि की है कि पश्चिम बंगाल में हाल ही में उभरे निपाह वायरस के प्रकोप को पूरी तरह काबू कर लिया गया है। नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) और राज्य स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है।
केवल 2 मामलों की पुष्टि, 196 लोग सुरक्षित
सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में 5 या उससे अधिक मामलों के दावों को खारिज करते हुए, स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि दिसंबर 2025 से अब तक पश्चिम बंगाल में केवल 2 मामले ही सामने आए हैं।
ये दोनों मामले स्वास्थ्य कर्मियों से जुड़े थे जो एक संक्रमित मरीज के संपर्क में आए थे। प्रशासन ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए 196 हाई-रिस्क लोगों की पहचान की और उन्हें क्वारंटीन किया। राहत की बात ये है कि इन सभी 196 लोगों की टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई है और उनमें संक्रमण के कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं।
एक्सपर्ट्स की राय और सावधानी
मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि निपाह वायरस का ‘इनक्यूबेशन पीरियड’ (संक्रमण से लक्षण दिखने तक का समय) 4 से 45 दिनों तक हो सकता है, इसलिए अगले कुछ हफ्तों तक कड़ी निगरानी जारी रहेगी।
डॉक्टरों ने जनता को ये सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
जमीन पर गिरे या पक्षियों या चमगादड़ों द्वारा कुतरे गए फलों को बिल्कुल न खाएं। खजूर का कच्चा रस पीने से बचें और हाथों को नियमित रूप से साबुन से धोएं। केवल सरकारी और ऑफिशियल सोर्स से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें।