नई दिल्ली : बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की आने वाली फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ का टीजर रिलीज होते ही यह फिल्म सीधे विवादों के केंद्र में आ गई है। 27 दिसंबर 2025 को सलमान खान के 60वें जन्मदिन पर जैसे ही टीजर सामने आया, सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। यह फिल्म 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हुई हिंसक झड़प पर आधारित है। भारत में जहां इसे शहीद जवानों को श्रद्धांजलि और देशभक्ति से जोड़कर देखा जा रहा है, वहीं चीन ने इसे लेकर तीखी आपत्ति दर्ज कराई है।
क्या है ‘बैटल ऑफ गलवान’ की कहानी
‘बैटल ऑफ गलवान’ एक हिंदी वॉर-एक्शन फिल्म है, जिसका निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है और इसे सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले बनाया गया है। सलमान खान फिल्म में कर्नल बी. संतोष बाबू की भूमिका निभा रहे हैं, जो गलवान संघर्ष में शहीद हुए थे। कहानी भारतीय सेना की 16 बिहार रेजिमेंट के 50–60 जवानों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो कथित तौर पर चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के बड़ी संख्या में सैनिकों का सामना करते हैं। फिल्म में चित्रांगदा सिंह, जेन शॉ, अंकुर भाटिया और विपिन भारद्वाज भी अहम किरदारों में नजर आएंगे। सितंबर 2025 में लद्दाख के कठिन इलाकों में इसकी शूटिंग शुरू हुई थी, जबकि बाद के हिस्से मुंबई में पूरे किए गए। करीब 100 करोड़ रुपये के बजट से बनी यह फिल्म 17 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
टीजर पर चीन की नाराज़गी, ग्लोबल टाइम्स का हमला
टीजर में सलमान खान को सैनिकों को संबोधित करते हुए और दुश्मन से मुकाबले के लिए तैयार रहने का संदेश देते हुए दिखाया गया है। यही सीन चीन को सबसे ज्यादा खटक गया। चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने फिल्म पर इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने और चीन-विरोधी भावना फैलाने का आरोप लगाया। चीनी सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि बॉलीवुड फिल्में भले ही भावनात्मक और ओवर-द-टॉप हों, लेकिन कोई भी फिल्म न तो इतिहास बदल सकती है और न ही चीन की संप्रभुता पर असर डाल सकती है। ग्लोबल टाइम्स ने यह भी दावा किया कि गलवान घाटी एलएसी की चीनी तरफ है और फिल्म एकतरफा भारतीय कहानी दिखा रही है।
सोशल मीडिया रिएक्शन और भारत में माहौल
चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीबो पर यूजर्स ने फिल्म का जमकर मजाक उड़ाया। कुछ लोगों ने इसे तथ्यों से दूर बताया, तो कुछ ने कॉस्ट्यूम, हेयरस्टाइल और बर्फीले मौसम के सीन को अवास्तविक कहकर ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ से तुलना कर दी। वहीं भारत में माहौल बिल्कुल अलग नजर आ रहा है। यहां कई लोग इस फिल्म को गलवान में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि मान रहे हैं। रेडिट और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर टीजर को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है—कुछ ने इसे जरूरत से ज्यादा ड्रामेटिक बताया, तो कुछ ने इसे बड़ी बॉक्स ऑफिस हिट बताया।

ग्लोबल टाइम्स ने X पर पोस्ट कर यह भी कहा कि यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब भारत-चीन संबंधों में काफी कोशिशों के बाद थोड़ी नरमी के संकेत दिख रहे हैं। कुल मिलाकर, फिल्म रिलीज से पहले ही यह बहस छिड़ गई है कि क्या सिनेमा इतिहास और कूटनीति को प्रभावित कर सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि ‘बैटल ऑफ गलवान’ रिलीज के बाद क्या नया मोड़ लाती है और दर्शक इसे किस नजर से देखते हैं।