Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: ‘जस्टिस मिशन 2025’ : ताइवान के चारों तरफ PLA की घेराबंदी, चीन की नई युद्ध रणनीति और भारत पर उनके प्रभाव
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > ‘जस्टिस मिशन 2025’ : ताइवान के चारों तरफ PLA की घेराबंदी, चीन की नई युद्ध रणनीति और भारत पर उनके प्रभाव
Trending Newsवर्ल्ड

‘जस्टिस मिशन 2025’ : ताइवान के चारों तरफ PLA की घेराबंदी, चीन की नई युद्ध रणनीति और भारत पर उनके प्रभाव

news desk
Last updated: December 29, 2025 2:10 pm
news desk
Share
ताइवान के चारों ओर PLA सैन्य घेराबंदी 2025
ताइवान के चारों ओर PLA सैन्य घेराबंदी 2025
SHARE

ताइवान स्ट्रेट में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। चीन ने ताइवान द्वीप को पूरी तरह घेरते हुए अब तक के सबसे बड़े सैन्य अभ्यासों में से एक शुरू कर दिया है। इस ऑपरेशन का नाम “जस्टिस मिशन 2025” रखा गया है, जो 29 दिसंबर 2025 से शुरू हुआ। बीजिंग ने इसे “ताइवान स्वतंत्रता अलगाववादी ताकतों” और “बाहरी हस्तक्षेप” के खिलाफ कड़ी चेतावनी बताया है।
यह अभ्यास पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की सेना, नौसेना, वायुसेना और रॉकेट फोर्स की संयुक्त तैनाती के साथ हो रहा है। इसमें लाइव-फायर ड्रिल्स, प्रमुख बंदरगाहों की नाकेबंदी की सिमुलेशन और मिसाइल हमलों का अभ्यास शामिल है। अभ्यास ताइवान के उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम में पांच प्रमुख जोनों में फैला हुआ है, जो समुद्री और हवाई मार्गों को प्रभावित कर रहा है।
ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने इन अभ्यासों की कड़ी निंदा की है और इसे “एकतरफा उकसावा” तथा “ग्रे जोन युद्ध” की रणनीति बताया है, जिसका मकसद ताइवान की रक्षा क्षमता को थकाना है। ताइपे ने अपनी सेनाओं को हाई अलर्ट पर रखा है और जवाबी अभ्यास शुरू किए हैं।
इवान मुख्य भूमि चीन से लगभग 160 किलोमीटर दूर स्थित है। ताइवान स्ट्रेट इसे अलग करता है। इस अभ्यास में PLA ने ताइवान के चारों ओर पांच जोन बनाए हैं, जहां लाइव-फायर और नाकेबंदी का अभ्यास हो रहा है। ये जोन ताइवान की एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन (ADIZ) और प्रमुख शिपिंग लेन को ओवरलैप करते हैं।
ऊपर दिए नक्शों में लाल/पीले क्षेत्र अभ्यास जोन दिखाते हैं, जिसमें मिसाइल लॉन्च, नौसैनिक गश्त और विमान घुसपैठ के रास्ते शामिल हैं। “जस्टिस मिशन 2025” में 100 से अधिक नौसैनिक जहाज और लगातार विमान उड़ानें रिपोर्ट की गई हैं।

चीन की मौजूदा सैन्य रणनीतियां
चीन की ताइवान नीति लगातार दबाव बनाने वाली रही है। 2025 में PLA की “ग्रे जोन” रणनीतियां तेज हुई हैं, जो युद्ध से कम लेकिन धमकी से ज्यादा हैं:


• ताइवान ADIZ में दैनिक घुसपैठ: ताइवान ने 2025 में 2,000 से अधिक PLA विमान और जहाजों की घुसपैठ दर्ज की है। दिसंबर में ही दर्जनों विमान मीडियन लाइन पार कर चुके हैं।

• नौसैनिक और हवाई गश्त: ताइवान को घेरकर मॉक अटैक और नाकेबंदी अभ्यास। दिसंबर की शुरुआत में 100 से अधिक जहाज तैनात किए गए।

• लाइव-फायर और मिसाइल ड्रिल्स: प्रमुख बंदरगाहों (जैसे कीलुंग और काओशुंग) पर सिमुलेटेड हमले।

• मनोवैज्ञानिक दबाव: ताइवान नेतृत्व को “अलगाववादी” कहकर और अमेरिका-जापान को “बाहरी ताकत” बताकर चेतावनी। हालिया $11 अरब अमेरिकी हथियार सौदे के बाद यह अभ्यास शुरू हुआ।

विश्व और भारत पर प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि ताइवान के आसपास हो रहे ये सैन्य अभ्यास किसी भी वक्त गलतफहमी से बड़े संघर्ष का रूप ले सकते हैं। अमेरिका ने एक बार फिर ताइवान की रक्षा का वादा दोहराया है, जबकि जापान ने क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंता जताई है।
“जस्टिस मिशन 2025” चीन की बढ़ती आक्रामक नीति को दिखाता है, खासकर तब जब राष्ट्रपति शी जिनपिंग ताइवान को बलपूर्वक भी जोड़ने की बात कर चुके हैं। यह अभ्यास सिर्फ ताइवान तक सीमित नहीं है, बल्कि इंडो-पैसिफिक सुरक्षा व्यवस्था में चल रहे एक बड़े पैटर्न का हिस्सा माना जा रहा है।

आर्थिक मोर्चे पर भी इसका असर गहरा हो सकता है, क्योंकि ताइवान दुनिया का बड़ा सेमीकंडक्टर हब है। अगर तनाव बढ़ता है या बंदरगाहों की नाकेबंदी होती है, तो वैश्विक सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। भारत की टेक इंडस्ट्री—खासतौर पर स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर—ताइवान से आने वाली चिप्स पर निर्भर है, जिससे कीमतें बढ़ने और उत्पादन रुकने का खतरा है।

हिंद महासागर और दक्षिण चीन सागर से गुजरने वाले व्यापार मार्ग बाधित होने पर दक्षिण एशिया का 60% से ज्यादा व्यापार प्रभावित हो सकता है, जिसका असर पाकिस्तान, बांग्लादेश जैसी अर्थव्यवस्थाओं पर भी पड़ेगा। साथ ही, चीन की BRI परियोजनाओं पर निवेश का दबाव बढ़ सकता है और राजनीतिक शर्तें कड़ी हो सकती हैं। जानकारों का कहना है कि अगर तनाव और बढ़ा तो वैश्विक मंदी का खतरा भी है, जिससे दक्षिण एशिया की विकासशील अर्थव्यवस्थाएं सबसे ज्यादा प्रभावित होंगी। बीजिंग भले ही इन अभ्यासों को रक्षात्मक बता रहा हो, लेकिन आलोचक इसे लोकतंत्र पर दबाव की रणनीति मानते हैं। आने वाले दिन ही तय करेंगे कि यह सिर्फ ताकत दिखाने की कोशिश है या किसी बड़े संकट की शुरुआत।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: China Military Drill, China Navy Exercise, China Taiwan Tension, China War Strategy, Geopolitics Asia, Global Supply Chain, Grey Zone Warfare, India China Impact, Indo Pacific Security, Justice Mission 2025, PLA Taiwan, South China Sea, Taiwan ADIZ, Taiwan Semiconductor, Taiwan Strait Crisis
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article SC ने दिल्ली HC के फैसले पर लगाई रोक कुलदीप सेंगर को ‘सुप्रीम’ झटका, SC ने दिल्ली HC के फैसले पर लगाई रोक। जानिए CBI की किन दलीलों पर SC ने लगाई स्टे?
Next Article अरावली मामला: SC ने अपने आदेश को रोका, केंद्र और राज्यों से मांगा जवाब

फीचर

View More

एशियन गेम्स 2026: भारत की बेटियों का ऐतिहासिक पराक्रम , बेटियों ने अपने दम पर देश को दिलाया चौथे स्थान का गौरव!

एशियन गेम्स 2026 का यह महाकुंभ अब इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुका है, लेकिन इस बार का यह…

By Shivani Kalani 5 Min Read

मगरमच्छ मांस के साथ क्यों निगल जाता है पत्थर? वजह जानेंगे तो दंग रह जाएंगे, पेट में ऐसे करता है काम

नई दिल्ली: मगरमच्छ को दुनिया के खतरनाक शिकारियों में गिना जाता है।…

3 Min Read

गया में पिंडदान से 7 पीढ़ियों का उद्धार? गरुड़ पुराण में क्या है इसका जिक्र, जानिए गया जी की पूरी मान्यता

गया: पितृ पक्ष में पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके आशीर्वाद…

5 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

Trending Newsवर्ल्ड

लाओस में चीन ने क्यों बना डाला नया एयरबेस? वियतनाम की सीमा के पास ड्रैगन की बड़ी चाल, समझिए पूरा गेम

वियनतियाने: चीन ने दक्षिण-पूर्व एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया…

8 Min Read
Trending Newsवर्ल्ड

OpenAI में बड़ा बवाल! सेफ्टी चीफ ने अचानक छोड़ी नौकरी, बोले- AI की ये रेस इंसानों को ले जा सकती है विनाश की तरफ

नई दिल्ली: ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI में उस वक्त बड़ा सवाल खड़ा हो गया, जब कंपनी के सेफ्टी हेड…

7 Min Read
Trending Newsअन्य

“दरवाजों से हटकर खड़े हों…” अचानक मेट्रो में गूंजी दादू की आवाज, पहली बार सुनकर पोता रह गया हैरान; वीडियो वायरल

नई दिल्ली: “दिल्ली मेट्रो में आपका स्वागत है… अगला स्टेशन अक्षरधाम है… और दरवाजों से हटकर खड़े हों।” दिल्ली मेट्रो…

4 Min Read
Trending Newsउत्तर प्रदेशराज्य

मायावती ने फिर बदला फैसला, आकाश आनंद की BSP में वापसी; बनाया राष्ट्रीय संयोजक, बोलीं- ‘उम्मीद है अब बदलाव नहीं करना पड़ेगा’

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर आकाश आनंद को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी दी है।…

4 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?