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ट्रंप से 90 मिनट की ‘शांति वार्ता’ और तुरंत बाद कीव पर मिसाइलों की बौछार; पुतिन ने कूटनीति के बीच दिखाया युद्ध का असली चेहरा

रूस और यूक्रेन के बीच पिछले चार सालों से जारी विनाशकारी जंग अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां एक तरफ बंद कमरों में शांति की कूटनीति चल रही है, तो दूसरी तरफ जमीन पर बारूद बरस रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई 90 मिनट की लंबी फोन कॉल के तुरंत बाद, रूस ने सोमवार तड़के यूक्रेन की राजधानी कीव (Kyiv) पर बैलिस्टिक मिसाइलों से अब तक का सबसे बड़ा हमला बोल दिया।

इस भीषण हमले में कम से कम 8 लोग घायल हुए हैं और पूरा कीव शहर दहल उठा है। एक के बाद एक 10 से ज्यादा धमाकों की गूंज और हवाई हमले के सायरन के बीच लोग अपनी जान बचाने के लिए बंकरों की तरफ भागे।

ट्रंप-पुतिन की 4 जुलाई की बातचीत: क्या सिर्फ दिखावा थी?

दिलचस्प बात यह है कि यह हमला तुर्की में शुरू होने वाले नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हुआ है। इसके पीछे की टाइमलाइन को समझें:

  • 4 जुलाई की कॉल: डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन से करीब डेढ़ घंटे बात की और युद्ध खत्म कराने में अमेरिकी मदद की पेशकश की। पुतिन ने भी कूटनीतिक समाधान की बात कही और मज़े की बात यह रही कि अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ की बधाई भी दी।
  • शनिवार को जेलेंस्की से बात: इसके बाद ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से बात की, जिसके बाद जेलेंस्की ने उम्मीद जताई थी कि अब युद्ध खत्म होने की वास्तविक संभावना बन रही है।
  • सोमवार को हमला: कूटनीति के इन दावों के ठीक बाद पुतिन की सेना कीव पर टूट पड़ी, जिसने साफ कर दिया कि रूस बातचीत की मेज पर आने से पहले अपनी सैन्य ताकत का पूरा लोहा मनवाना चाहता है।

कीव सैन्य प्रशासन का बयान: कीव सैन्य प्रशासन के प्रमुख टिमुर तकाचेंको और मेयर विताली क्लित्शको ने पुष्टि की है कि शहर की वायु रक्षा प्रणाली (Air Defence System) को एक्टिव कर दिया गया था, जिसने कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट किया, लेकिन मलबे गिरने से कई रिहायशी इलाकों में भीषण आग लग गई।

डोनेत्स्क से क्रीमिया तक आर-पार की जंग

केवल कीव ही नहीं, बल्कि दोनों देशों ने अब एक-दूसरे के रणनीतिक ठिकानों पर लंबी दूरी के हमले बेहद तेज कर दिए हैं:

  • यूक्रेन का ‘एनर्जी वॉर’: यूक्रेन लगातार रूस के ऊर्जा ठिकानों और तेल डिपो को ड्रोन से निशाना बना रहा है। हाल ही में रूस के कब्जे वाले क्रीमिया (Crimea) के सेवास्तोपोल में यूक्रेनी हमले के कारण बिजली गुल हो गई। इसके अलावा मॉस्को की तरफ बढ़ रहे कई यूक्रेनी ड्रोनों को मार गिराया गया है।
  • कोस्त्यांतिनिवका पर सस्पेंस: पूर्वी यूक्रेन के रणनीतिक शहर कोस्त्यांतिनिवका पर कब्जे को लेकर सस्पेंस बरकरार है। रूस ने इस पर पूरी तरह कब्जे का दावा किया है, जिसे जेलेंस्की ने खारिज करते हुए कहा कि उनकी सेना अभी भी डटी हुई है।

नाटो शिखर सम्मेलन से पहले पुतिन का ‘पावर गेम’

राष्ट्रपति जेलेंस्की का आरोप है कि रूस इस सप्ताह तुर्की में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन से पहले जानबूझकर बड़े हमले कर रहा है ताकि वैश्विक मंचों पर दबाव बनाया जा सके। इस सम्मेलन के दौरान जेलेंस्की और डोनाल्ड ट्रंप की आमने-सामने मुलाकात होने की संभावना है।

इस बीच, अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि वह नाटो में अपने सैन्य योगदान को संतुलित करेगा और यूरोपीय देशों को अपनी सुरक्षा के लिए अब अमेरिका पर निर्भरता कम करनी होगी। ऐसे में पुतिन का यह आक्रामक रुख यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगियों के लिए एक बड़ा अल्टीमेटम माना जा रहा है।

news desk

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