लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इस समय प्रकृति और व्यवस्था दोनों ही आम जनता की परीक्षा ले रहे हैं। राज्य की राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है।
इस जानलेवा गर्मी और ‘नौतपा’ के शुरुआती असर के बीच प्रदेश की चरमराती बिजली व्यवस्था ने आग में घी डालने का काम किया है। बार-बार होने वाली अघोषित बिजली कटौती (Power Cut) से परेशान जनता का सब्र अब टूट चुका है और पूरे उत्तर प्रदेश से विरोध प्रदर्शनों की खबरें सामने आ रही हैं।
इस गंभीर संकट के बीच लखनऊ की सरोजनीनगर सीट से भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह (MLA Rajeshwar Singh) ने सीधे मोर्चा संभालते हुए सूबे के ऊर्जा मंत्री को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने इस संकट से निपटने के ठोस उपाय सुझाए हैं।
उत्तर भारत इस समय भयंकर गर्मी की चपेट में है। 20 मई 2026 को हालात ऐसे हो गए कि कई इलाके मानो आग की भट्टी में बदल गए हों। तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। तेज धूप, गर्म हवाओं (लू) और उमस भरी गर्मी ने लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है। सबसे ज्यादा तापमान उत्तर प्रदेश के Banda में दर्ज किया गया, जहां पारा 48.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जो पूरे देश में सबसे अधिक रहा।
भीषण गर्मी और लू (Heatwave) के कारण उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग ने अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। ओवरलोडिंग और ट्रांसफार्मर फुंकने की वजह से शहरों से लेकर गांवों तक कई-कई घंटों की कटौती की जा रही है।
रात भर जाग रहे लोग: आलम यह है कि दिन तो दूर, रातों में भी बिजली गायब रहने से लोग सो नहीं पा रहे हैं।
जगह-जगह प्रदर्शन: बिजली की इस आंख-मिचौली से नाराज होकर कई जिलों में स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने बिजली दफ्तरों का घेराव किया है और सड़कों पर चक्काजाम कर प्रदर्शन कर रहे हैं।
जनता की इस परेशानी को देखते हुए सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री को एक विस्तृत चिट्ठी लिखी है।
सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने ऊर्जा मंत्री एके. शर्मा को चिट्ठी लिखकर कहा है कि लखनऊ समेत अनेक क्षेत्रों में भीषण गर्मी में बिजली का काटा जाना गंभीर चिंता की बात है।
बार-बार बिजली बाधित होना, लो वोल्टेज, ट्रांसफोर्मर ओवरलोड, फ्यूज फेलियोर जैसी शिकायतों के समाधान में देरी की वजह से आम जनता में बहुत ही असंतोष है।बिजली समस्या के समाधान को लेकर एक विधायक ने ऊर्जा मंत्री को अमेरिका और सिंगापुर जैसे देशों के मॉडल अपनाने की सलाह दी है। उन्होंने खास तौर पर सिंगापुर के मरीना बे क्षेत्र का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां हाई-डेंसिटी कमर्शियल इलाकों में डिस्ट्रिक्ट कूलिंग सिस्टम लागू किया गया है, जिससे ऊर्जा खपत में 20 से 30 प्रतिशत तक की बचत होती है।
विधायक का कहना है कि इसी तरह का मॉडल Lucknow में भी लागू किया जा सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि एयरपोर्ट कॉरिडोर, आईटी पार्क, बड़े टाउनशिप और प्रमुख कमर्शियल हब में भविष्य की योजनाओं के तहत कॉमन या डिस्ट्रिक्ट कूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को शामिल किया जाए।
इसके अलावा, उन्होंने जापान और अमेरिका के ऊर्जा प्रबंधन और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल को भी अपनाने पर जोर दिया, जिससे शहरों में बिजली की खपत कम करने और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय न होने और शुष्क पछुआ हवाओं के कारण हीटवेव का यह दौर जून के पहले हफ्ते तक जारी रह सकता है। ऐसे में यदि बिजली विभाग ने अपनी तैयारियों को दुरुस्त नहीं किया, तो कानून-व्यवस्था की स्थिति और बिगड़ सकती है।
अब देखना यह है कि विधायक राजेश्वर सिंह की इस चिट्ठी और जनता के बढ़ते आक्रोश के बाद बिजली विभाग और ऊर्जा मंत्रालय इस ‘पावर क्राइसिस’ से निपटने के लिए क्या आपातकालीन कदम उठाता है।
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