मुंबई: मुंबई से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 40 वर्षीय महिला ने अपने 78 वर्षीय पिता के शव को करीब चार साल तक मलाड स्थित एक डे-केयर सेंटर के फ्रीजर में रखे रखा। इसके लिए वह हर महीने करीब 1.6 लाख रुपये खर्च कर रही थी। मामला तब सामने आया, जब डे-केयर सेंटर को पुनर्विकास के लिए खाली कराने की प्रक्रिया शुरू हुई और पुलिस वहां पहुंची।
पिता से बेहद जुड़ी थी महिला
पुलिस के मुताबिक, महिला ने जून 2022 से अपने पिता का शव डे-केयर सेंटर में रखा हुआ था। उसका कहना था कि वह अपने पिता से बेहद जुड़ी हुई थी और उनके शरीर को हमेशा के लिए सुरक्षित रखना चाहती थी।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, इतने लंबे समय तक शव को फ्रीजर में सुरक्षित रखना असामान्य जरूर था, लेकिन शुरुआती जांच में मौत के पीछे किसी तरह की संदिग्ध परिस्थिति सामने नहीं आई है। महिला ने डॉक्टर से अपने पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र भी प्राप्त कर लिया था और मौत को स्वाभाविक बताया गया था।
डे-केयर सेंटर करीब एक महीने पहले बंद हो चुका था। इसके बाद संपत्ति मालिक जगह खाली करवाना चाहता था, क्योंकि 2,000 वर्ग फीट से ज्यादा क्षेत्र वाली चाल का पुनर्विकास होना था। इसी प्रक्रिया के दौरान पुलिस की टीम सेंटर पहुंची, जहां उसे फ्रीजर में बुजुर्ग का शव मिला।
पुलिस के मुताबिक, डे-केयर सेंटर चलाने वाले लोगों ने भी पुलिस को वहां शव रखे होने की जानकारी नहीं दी थी।
कैंसर से पीड़ित थे पिता, हार्ट अटैक से हुई मौत
जांच में पता चला कि मृत बुजुर्ग कैंसर से पीड़ित थे और जून 2022 में हार्ट अटैक आने के बाद उनकी मौत हो गई थी। उनकी बेटी अंधेरी पश्चिम में रहती है।
पुलिस के मुताबिक, महिला ने अमेरिका की एक ऐसी संस्था से संपर्क किया था, जो शव को सुरक्षित रखने की सेवा देती है। उसकी योजना बाद में अपने पिता के शव को अमेरिका ले जाने की थी। पुलिस को महिला ने बताया कि इसके लिए वह पैसे जमा कर रही थी, कानूनी सलाह ले रही थी और संबंधित संस्था से बातचीत भी कर रही थी।
मकान मालिक को भी नहीं थी शव की जानकारी
मकान मालिक ने पुलिस को बताया कि उसने वर्ष 2022 की शुरुआत में यह जगह अब्दुल रहमान नाम के व्यक्ति को किराए पर दी थी। बाद में रहमान ने यह जगह किसी अन्य प्रबंधन को सौंप दी, जो वहां एक क्लिनिक चला रहा था।
मकान मालिक का दावा है कि उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि परिसर के अंदर फ्रीजर में शव रखा हुआ है।
पुलिस ने दर्ज किए परिवार और संचालकों के बयान
पुलिस ने मामले में मकान मालिक, डे-केयर सेंटर चलाने वालों और मृतक के परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए हैं। अधिकारी के मुताबिक, परिवार से बातचीत की गई है और अब उन्हें तय करना है कि शव का अंतिम संस्कार किया जाए या आवश्यक प्रमाण पत्र और कानूनी फीस पूरी करने के बाद उसे बीएमसी को सौंपा जाए।