मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी के मामले में जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपी ऋतिक कुरमी उर्फ रोशन की कथित भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ऋतिक मुंबई में बाइक-टैक्सी राइडर के रूप में काम करता था और उस पर हमले में शामिल अन्य आरोपियों की मदद करने का आरोप है। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा था और क्या उसने बॉलीवुड हस्तियों के घरों या आसपास के इलाकों की रेकी की थी।
मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि ऋतिक ने मुंबई के कुछ पॉश इलाकों की जानकारी जुटाई और वीडियो रिकॉर्ड करके कथित तौर पर गैंग से जुड़े लोगों तक पहुंचाए। हालांकि, इन दावों की पूरी पुष्टि जांच के निष्कर्षों से ही हो सकेगी। पुलिस ने अभी तक इस मामले में गैंग से संबंध के सभी पहलुओं को सार्वजनिक रूप से प्रमाणित नहीं किया है।
एक साल से गैंग के संपर्क में होने का संदेह
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, 22 वर्षीय ऋतिक महतो उर्फ रोशन के करीब एक साल पहले लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ने का संदेह है। रिपोर्ट में पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया गया कि वह कथित तौर पर गोलीबारी में इस्तेमाल मोटरसाइकिल चला रहा था और उसने अन्य आरोपियों की मदद की थी।
जांच के अनुसार, ऋतिक मुंबई में किराये के मकान में रह रहा था और बाइक-टैक्सी चलाता था। पुलिस उसके संपर्कों, कॉल रिकॉर्ड और आर्थिक लेन-देन की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किन लोगों के संपर्क में था और उसे कथित तौर पर पैसे कहां से मिलते थे।
जुहू और अंधेरी में रहने के दौरान रेकी का आरोप
सूत्रों के दावों के मुताबिक, ऋतिक पहले जुहू इलाके में रहा और बाद में अंधेरी में किराये के मकान में शिफ्ट हुआ। जांचकर्ताओं को संदेह है कि बाइक-टैक्सी या डिलीवरी जैसे कामों की आड़ में उसे मुंबई के अलग-अलग इलाकों में आने-जाने का मौका मिलता था।
आरोप है कि इसी दौरान उसने कुछ संवेदनशील जगहों और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जुटाई। पुलिस कथित वीडियो, डिजिटल साक्ष्यों और उसके संपर्कों की जांच कर रही है। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि किसी खास बॉलीवुड हस्ती की रेकी करने के आरोप को जांच में किस हद तक प्रमाणित किया गया है।
कोटा से पकड़े गए थे तीन आरोपी
टाइगर श्रॉफ की कार पर 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में गोलीबारी हुई थी। पुलिस के मुताबिक, घटना में पांच राउंड फायर किए गए। इसके बाद आरोपी कथित तौर पर मोटरसाइकिल छोड़कर भाग निकले और ट्रेन से यात्रा करते हुए राजस्थान के कोटा पहुंचे, जहां तीनों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऋतिक कुरमी उर्फ रोशन, रेहान रहीसुद्दीन और फूल सिंह के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, रेहान और फूल सिंह पर गोली चलाने का आरोप है, जबकि ऋतिक की भूमिका कथित तौर पर मोटरसाइकिल चलाने और भागने में मदद करने की रही।
मुंबई लाए जाने के बाद तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। 22 अक्टूबर की रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया था। पुलिस हथियारों की बरामदगी, हमले के मकसद और कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।
पैसे और बड़े काम का लालच देने की आशंका
जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि आरोपियों को हमले के लिए किसने तैयार किया और उन्हें इसके बदले क्या देने का वादा किया गया था। पुलिस से जुड़ी रिपोर्टों में आरोपियों को पैसे और विदेश में बसाने का लालच दिए जाने की बात भी सामने आई है।
अब जांच का अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि ऋतिक की कथित भूमिका केवल मोटरसाइकिल चलाने तक सीमित थी या वह पहले से किसी व्यापक नेटवर्क के लिए काम कर रहा था। उसके बैंकिंग लेन-देन, कॉल रिकॉर्ड और दूसरे आरोपियों के साथ संपर्कों की जांच से इस बारे में तस्वीर साफ हो सकती है।
फिलहाल, टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में कथित गैंग कनेक्शन और रेकी के आरोप जांच के दायरे में हैं। पुलिस की जांच और अदालत में सामने आने वाले तथ्यों से ही स्पष्ट होगा कि आरोपियों की भूमिका क्या थी और हमले के पीछे किस स्तर की साजिश थी।