हाल ही में जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के मुखिया और आतंकी मलिक यासीन के हलफनामें पर बीजेपी और कांग्रेस में सियासी घमासान मचा हुआ है. अब कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने बीजेपी के आरोपों पर पलटवार करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री और बीजेपी नेता अटल बिहारी वाजपेयी को कटघरे में खड़ा किया है.
पवन खेड़ा ने किया बीजेपी के आरोपों पर पलटवार
पवन खेड़ा ने अपने एक्स पोस्ट पर बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि वोट चोरी के मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए, आज भाजपा अपने टूलकिट से यासीन मलिक के हलफनामे के एक पन्ने को ले आई, और लगी मनमोहन सिंह जी को बदनाम करने. कश्मीर में शांति और सुलह के लिए पिछले कई प्रधानमंत्रियों ने अलग अलग प्रयास किए. सुलह के लिए स्टेकहोल्डर्स से संवाद किया. आज भाजपा ने उन तमाम प्रधानमंत्रियों के प्रयासों पर कीचड़ तो उछाला ही है, सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के अफसरों का मनोबल भी तोड़ दिया. यह सब तो अपने संवैधानिक दायित्व को निभा रहे थे.’
पवन खेड़ा ने बीजेपी और आरएसएस पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘आरएसएस 2011 में यासीन मलिक से किस हैसियत से और क्यों मिल रही थी? विवेकानंद फाउंडेशन यासीन मलिक से क्यों मिल रही थी? यासीन मलिक के अनुसार उसका पासपोर्ट अटल बिहारी वाजपेयी जी ने बनवाया, तो क्या वाजपेयी जी राष्ट्रविरोधी हो गए? यासीन मलिक के अनुसार अजीत डोभाल उससे मिलते थे, तो क्या डोभाल देशद्रोही हो गए?’
उन्होनें आगे कहा कि ‘टूलकिट के दिन अब लद गए. अब वोट चोरी का भूत आपके कंधों से उतरेगा नहीं.’

क्या था मामला ?
दरअसल दिल्ली की तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सज़ा काट रहे जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) का मुखिया और दोषी आतंकी यासीन मलिक हाल ही में तब सुर्खियों में आ गया जब उसने 25 अगस्त को दिल्ली हाई कोर्ट में हलफनामा दाखिल करते हुए कई चौंकाने वाले दावे किए. मलिक ने अपने हलफनामे में बताया कि सालों तक देश के कई पूर्व प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, विदेशी राजनयिक और खुफिया एजेंसियों के अधिकारी उसके साथ बातचीत करते रहे. इस हलफनामे में उसने पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस नेता डॉ मनमोहन सिंह के साथ भी मुलाकात का जिक्र किया था, जिसके बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कर दिया था. केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता प्रह्लाद जोशी ने कहा था कि ‘इनके प्रधानमंत्री टेररिस्टों को आवास पर बुलाकर बिरयानी खिलाते थे. इनसे क्या अपेक्षा कर सकते हैं. इसीलिए लोग इनका तिरस्कार कर रहे हैं.’