रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने दिल्ली कैपिटल्स को 6 विकेट से पराजित कर दूसरी बार महिला प्रीमियर लीग (WPL) की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में बीती रात खेले गए इस खिताबी मुकाबले में दर्शकों को जबरदस्त रोमांच देखने को मिला।
दिल्ली कैपिटल्स द्वारा दिए गए 204 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए आरसीबी ने आखिरी गेंद तक चले हाई-वोल्टेज मुकाबले में जीत दर्ज की। मैच का रोमांच उस वक्त चरम पर पहुंच गया जब मुकाबला अंतिम ओवर तक खिंच गया और मैदान पर जबरदस्त ड्रामा देखने को मिला।
दरअसल, आखिरी ओवर में आरसीबी को जीत के लिए 10 रन की जरूरत थी। इसी ओवर में मैच का रुख कई बार बदला, लेकिन अंत में आरसीबी ने दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया।
आखिरी ओवर में क्या हुआ
मुकाबले का फैसला अंतिम ओवर तक टल गया, जिससे स्टेडियम में मौजूद दर्शकों की धड़कनें तेज हो गईं। आरसीबी और दिल्ली कैपिटल्स के बीच इस फाइनल में जोरदार कांटे की टक्कर देखने को मिली, जिसने महिला प्रीमियर लीग के इतिहास के सबसे रोमांचक फाइनल मुकाबलों में इसे शामिल कर दिया।
आरसीबी और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेले गए खिताबी मुकाबले का सबसे रोमांचक पल आखिरी ओवर में देखने को मिला, जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को जीत के लिए 10 रन चाहिए थे। इस निर्णायक ओवर में राधा यादव ने दो शानदार चौके जड़कर टीम को जीत के बिल्कुल करीब पहुंचा दिया।
ओवर की दूसरी और चौथी गेंद पर राधा के बल्ले से चौका निकला, लेकिन चौथी गेंद पर एक अजीबोगरीब स्थिति बन गई। चौका लगने से ठीक पहले दिल्ली कैपिटल्स की विकेटकीपर लिजेल ली का हाथ स्टंप्स से टकरा गया, जिससे गिल्लियां गिर गईं। कुछ पलों के लिए मैदान पर असमंजस का माहौल बन गया, लेकिन अंपायरों ने आपसी चर्चा के बाद आरसीबी की जीत की पुष्टि कर दी। इसके बाद पूरा स्टेडियम ‘आरसीबी-आरसीबी’ के नारों से गूंज उठा।
मंधाना-वॉल ने रखी जीत की मजबूत नींव
आरसीबी की ऐतिहासिक जीत की आधारशिला कप्तान स्मृति मंधाना और जॉर्जिया वॉल ने रखी। मंधाना ने कप्तानी पारी खेलते हुए 41 गेंदों में 12 चौकों और 3 छक्कों की मदद से शानदार 87 रन बनाए। वहीं जॉर्जिया वॉल ने 54 गेंदों पर 14 चौकों की बदौलत 79 रनों की बेहतरीन पारी खेली।
राधा और डी क्लर्क ने दिलाई जीत
अंतिम क्षणों में राधा यादव और नादिन डी क्लर्क ने संयम और समझदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए टीम को दो गेंद शेष रहते जीत दिला दी। दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही। टीम ने अंत तक संघर्ष किया, लेकिन आरसीबी का अनुभव और स्मृति मंधाना की विस्फोटक बल्लेबाजी आखिरकार निर्णायक साबित हुई।