आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में खान-पान का हमारी सेहत पर सीधा असर पड़ता है। संतुलित आहार में फल, सब्जियां, दालें, बीन्स और साबुत अनाज को शामिल करना शरीर को जरूरी पोषक तत्व और फाइबर उपलब्ध कराने में मदद करता है। खासतौर पर फाइबर पाचन तंत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
कोलोरेक्टल कैंसर यानी बड़ी आंत और मलाशय के कैंसर के जोखिम को लेकर डाइट पर कई शोध हुए हैं। कुछ अध्ययनों में अधिक फाइबर और साबुत अनाज के सेवन को कम जोखिम से जोड़ा गया है। हालांकि, केवल फल और सब्जियां खाने को कोलोरेक्टल कैंसर से बचाव की गारंटी नहीं माना जा सकता।
फाइबर से भरपूर डाइट क्यों है जरूरी?
फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और बीन्स फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। फाइबर पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है और संतुलित आहार का अहम हिस्सा है।
World Cancer Research Fund के अनुसार, भोजन से रोजाना कम से कम 30 ग्राम फाइबर लेने और साबुत अनाज, बिना ज्यादा स्टार्च वाली सब्जियों, फलों तथा दालों को नियमित भोजन का हिस्सा बनाने की सलाह दी जाती है। संस्था के अनुसार, उपलब्ध साक्ष्यों में साबुत अनाज और फाइबर का अधिक सेवन कोलोरेक्टल कैंसर के कम जोखिम से जुड़ा पाया गया है।
थाली में शामिल करें ये चीजें
डाइट में अलग-अलग तरह के फल और सब्जियां शामिल की जा सकती हैं। सेब, बेरीज, संतरा और अमरूद जैसे फल, साथ ही हरी पत्तेदार सब्जियां, ब्रोकली, पत्तागोभी और मटर अच्छे विकल्प हो सकते हैं।
इसके अलावा दालें, बीन्स और साबुत अनाज जैसे ओट्स, ब्राउन राइस और साबुत गेहूं से बने खाद्य पदार्थ भी फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी स्वस्थ आहार में फल, सब्जियां, दालें, मेवे और साबुत अनाज को शामिल करने की सलाह देता है।
सिर्फ फल-सब्जियां ही काफी नहीं
कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए सिर्फ खान-पान पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। स्वस्थ वजन बनाए रखना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना और धूम्रपान से बचना भी महत्वपूर्ण है। शराब का सेवन भी कैंसर के जोखिम से जुड़ा है और इसे सीमित करना कैंसर-रोकथाम संबंधी सिफारिशों का हिस्सा है।
अगर परिवार में कोलोरेक्टल कैंसर का इतिहास रहा है या अन्य जोखिम कारक मौजूद हैं, तो डॉक्टर से बात करके उचित स्क्रीनिंग के बारे में जानकारी लेना जरूरी है।
रोज कितनी मात्रा में फल और सब्जियां खाएं?
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, वयस्कों को रोजाना कम से कम 400 ग्राम या लगभग पांच सर्विंग फल और सब्जियां खाने का लक्ष्य रखना चाहिए। यह सामान्य स्वस्थ आहार संबंधी सिफारिश है, इसे कोलोरेक्टल कैंसर से बचाव की गारंटी नहीं समझना चाहिए।
इसके साथ ही WHO की 2023 की सिफारिशों में वयस्कों के लिए प्राकृतिक स्रोतों से रोजाना कम से कम 25 ग्राम फाइबर लेने की सलाह दी गई है।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
अगर लगातार पेट से जुड़ी समस्या बनी रहती है, मल में खून आता है, बिना वजह वजन कम हो रहा है या आंतों की आदतों में अचानक बदलाव आया है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। ऐसे लक्षण कई अलग-अलग कारणों से हो सकते हैं, इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर कैंसर का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।
फल, सब्जियां, दालें और साबुत अनाज से भरपूर संतुलित डाइट आंतों की सेहत और समग्र स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकती है। फाइबर और साबुत अनाज का पर्याप्त सेवन कोलोरेक्टल कैंसर के कम जोखिम से जुड़ा पाया गया है, लेकिन कैंसर से बचाव के लिए केवल डाइट पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। स्वस्थ वजन, शारीरिक गतिविधि, धूम्रपान से दूरी और शराब का सीमित सेवन भी महत्वपूर्ण हैं।
नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। किसी बीमारी की रोकथाम, जांच या इलाज के लिए अपने डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता दें।
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